आईएम के ईमेल पर अहम जानकारी मिली

घटनास्थल

दिल्ली के जामा मस्जिद इलाक़े में रविवार को हुई फ़ायरिंग के बाद बीबीसी हिंदी को ‘इंडियन मुजाहिदीन’ का ई-मेल एक महिला के नाम पर दर्ज, तीन दिन पहले ख़रीदे गए टाटा मोबाइल के कनेक्शन से मुंबई से भेजी गई थी.

बीबीसी को मुंबई के एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) के सूत्रों ने ये जानकारी देते हुए बताया है कि कनेक्शन देने वाले दुकानदार से इस बारे में पूछताछ चल रही है.

इंडियन मुजाहिदीन का भेजा संदेश

कुछ अहम जानकारियाँ देते हुए एटीएस के सूत्रों ने बीबीसी को बताया कि इस बारे में सोमवार और मंगलवार को एटीएस ने मुंबई के बोरीविली इलाक़े में छापे मारे हैं. एटीएस अधिकारियों के मुताबिक ई-मेल टाटा के मोबाइल कनेक्शन से भेजा गया जो मात्र तीन दिन पुराना था. इसे 16 सितंबर को ख़रीदा गया था.

महिला के नाम पर कनेक्शन

सूत्रों के अनुसार ये कनेक्शन एक महिला के नाम पर लिया गया था (जिसकी जानकारी बीबीसी के पास है). सुरक्षा कारणों से ये नाम गुप्त रखा जा रहा है.

घटनास्थल की तस्वीरें

एटीएस का कहना है कि कनेक्शन के लिए दुकानदार को जो कागज़ात दिए गए थे वो फ़र्ज़ी हैं. जिस नाम से टाटा मोबाइल नंबर लिया गया, उस नाम की बोरीविली के पते पर कोई महिला नहीं रहती है.

फ़िलहाल दुकानदार से पूछताछ चल रही है लेकिन ये माना जा रहा है कि उनका संभवत: इस मामले से संबंध नहीं है.

पुलिस का मानना है कि ये कनेक्शन केवल ई-मेल भेजने के लिए ख़रीदा गया था. पुलिस को शक है कि इसमें ‘इंडियन मुजाहिदीन’ की महाराष्ट्र इकाई का हाथ हो सकता है.

दो घंटे पहले लिखा गया ई-मेल

सूत्रों का ये भी कहना है कि मुंबई से भेजा गया ये ई-मेल भारतीय समयानुसार सुबह 11.30 बजे तैयार किया गया लेकिन बीबीसी और कुछ अन्य समाचार चैनलों को ये ई-मेल दोपहर 1.40 पर भेजा गया.

बटला हाऊस के 'शहीदों को श्रद्धांजलि'

फ़ायरिंग की घटना भारतीय समायनुसार सुबह लगभग 11.30 बजे हुई.

पुलिस मानती है कि लगभग दो घंटे तक ई-मेल न भेजने का कारण ये हो सकता है कि उसी इलाक़े में एक कार में लगे डेटोनेटर से धमाका और व्यापक नुक़सान होने के बाद ही ई-मेल लिखने वाले उसे भेजना चाहते हों.

रविवार को हुई फ़ायरिंग की घटना में ताईवान के दो नागरिक घायल हो गए थे. इसके बाद एक मारुति कार में आग भी लगी थी जिसमें पुलिस ने तारों से जुड़ा डेटोनेटर पाया गया था.

घटना के बाद ख़ुद को इंडियन मुजाहिदीन बताने वाले संगठन का ई-मेल बीबीसी हिंदी को भेजा गया था.

ई-मेल में इन घटनाओं का सीधा ज़िक्र नहीं था लेकिन भारत प्रशासित कश्मीर में हो रही हिंसा पर दुःख व्यक्त किया गया था और दो साल पहले दिल्ली की बटला हाउस मुठभेड़ में मारे गए दो युवकों आतिफ़ और साजिद का ज़िक्र किया गया था.

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