हैदराबाद में शांति से निकला गणेश जुलूस

  • 23 सितंबर 2010
गणेशोत्सव
Image caption दक्षिण भारत में जहाँ मैसूर में दशहरा धूमधाम से मनाया जाता है वहीं गणेशोत्सव का हैदराबाद में विशेष स्थान है.

हैदराबाद का वार्षिक गणेश जुलूस, जो देश में अपनी तरह के सबसे बड़े जुलुसों में एक माना जाता है, बुधवार को बड़े ही शांति पूर्ण ढंग से गुज़र गया लेकिन तूफ़ानी बारिश ने रंग में भंग कर दिया.

गणेश की हज़ारों छोटी बड़ी प्रतिमाओं के साथ यह जुलूस बुधवार को दिन भर चलता रहा.

हैदराबाद के पुराने शहर से निकलकर हुसैन सागर झील तक जानेवाले इस जुलूस में लाखों लोग- पुरुष, महिलाएँ और बच्चे शामिल थे. हज़ारों प्रतिमाएं जिनकी ऊँचाई 15 से 50 फीट थी, हुसैन सागर झील में डाली गईं और इसके लिए 80 से भी ज़्यादा क्रेनों का उपयोग किया गया.

Image caption पुराने शहर के मुस्लिम बहुल बाशिंदों ने भी जुलूस में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया

हैदराबाद की सबसे ऊँची गणेश मूर्ति- जिसकी उँचाईं 72 फ़ीट है बुधवार देर रात उठाई गई और गुरुवार को सुबह तड़के झील में उसका विसर्जन हो गया. यह प्रतिमा तीन बड़े ट्रालरों में गई और एक बड़ी क्रेन के ज़रिए उसे झील में डाला गया.

हैदराबाद के पुलिस आयुक्त अब्दुल कय्यूम ख़ान ने कहा कि जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से पुराने शहर से गुज़र गया. उसके लिए अभूतपूर्व स्तर पर सुरक्षा प्रबंध किए गए थे.

50 वरिष्ट आईपीएस अधिकारियों के नेतृत्व में 36 हज़ार पुलिसकर्मियों को शहर में तैनात किया गया था और जुलूस के 15 किलोमीटर लंबे रास्ते के चप्पे चप्पे पर क्लोज़ सर्किट कैमरों और विडियो कैमरों के ज़रिए नज़र रखी गई थी.

एकता का प्रतिक

जहाँ गणेश जुलूस आयोजकों की ओर से चारमिनार के निकट लगाए गए मंच से स्टेज से गृह मंत्री सविता इन्द्र रेड्डी और बीजेपी के नेताओं ने गणेश जुलूस का स्वागत किया वहीं मक्का मस्जिद के निकट मुस्लिम राजनैतिक दल मजलिस-इ-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने भी अपने मंच से जुलूस का स्वागत किया और उसके नेताओं ने जुलूस के साथ आए लोगों में खाने के पैकेट बांटे.

Image caption जुलूस के रास्ते पर भी सुरक्षा का पुख़्ता इंतज़ाम था.

संवेदनशील पुराने शहर में मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने भी जुलूस का स्वागत किया और जुलूस में शामिल लोगों को पानी उपलब्ध करवाया.

जहाँ दिन भर किसी दिक़्कत के बिना जुलूस चलता रहा वहीं शाम में तूफ़ानी बारिश की वजह से जुलूस में चल रहे लोगों को इधर-उधर शरण लेनी पड़ी. बारिश इतनी ज़बरदस्त थी की सड़कें कई फ़ीट पानी में डूब गईं और कई स्थानों पर यातायात ठप्प हो गया.

हुसैन सागर झील जिसके आस पास लाखों की भीड़ थी, तूफ़ानी वर्षा से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुई और वहाँ पर तमाम प्रबंध अस्त-व्यस्त हो गए.

इधर मुख्यमंत्री के रोशय्या ने खैरताबाद के गणेश मंडप में प्रार्थना के बाद जनता से अपील की कि वो राज्य में शांति और सदभाव बनाए रखें.

शुक्रवार को रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आने वाले फ़ैसले पर मुख्यमंत्री ने हिन्दू मुस्लिम दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने और संयम से काम लेने का अनुरोध किया.

उन्होंने कहा कि अगर कोई अदालत के फ़ैसले से संतुष्ट नहीं होता है तो वो सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकता है लेकिन हर किसी को अदालत के निर्णय का सम्मान करना चाहिए.

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