बीजापुर में नक्सली हमला, छह घायल

  • 22 सितंबर 2010
Image caption छत्तीसगढ़ का बीजापुर का इलाका भी नक्सल प्रभावित है.

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में पुलिस और माओवादी छापामारों के बीच हुई मुठभेड़ में एक विशेष पुलिस अधिकारी के मारे जाने की ख़बर है जबकि एक सहायक उप निरीक्षक सहित पांच पुलिस कर्मियों के घायल होने की बात कही जा रही है.

घटना में एक ग्रामीण के भी घायल होने की बात कही जा रही है.

बीजापुर के पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों नें अभी तक घटना की पुष्टि नहीं की है मगर कनीय पुलिसकर्मियों का कहना है कि घटना आवापल्ली और उसूर के बीच तब घटी जब आवापल्ली थाने का एक दल सड़क पर बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने निकला हुआ था. तभी माओवादी छापामारों नें दल पर हमला कर दिया.

करीब एक घंटे तक चली मुठभेड़ में एक एसपीओ यानि स्पेशल पुलिस ऑफिसर के मारे जाने की खबर है. पुलिस महकमे के सूत्रों का कहना कि एक सहायक उप निरीक्षक और पांच अन्य जवान घटना में घायल हुए हैं. इसके अलावा एक ग्रामीण को भी गोली लगने की खबर है.

बीजापुर से ही कथित तौर पर माओवादियों द्वारा कुछ समय पहले अपहृत छह जवानों में से तीन के शवों को देपला के जंगलों से बरामद कर लिया गया है.

रविवार की शाम भोपालपटनम और तार्लागढ़ मार्ग पर सहायक उप निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस वालों का एक दल नियमित गश्त पर था. कुछ गाँववालों का कहना है कि इसी दौरान हथियारबंद माओवादियों नें उनका अपहरण कर लिया.

सोमवार की सुबह ही स्थानीय ग्रामीणों ने शवों को देखा और पुलिस को खबर भेजी थी. मूसलाधार बारिश की वजह से ये इलाक़ा एक टापू में बदल गया है और वहां पहुँचने का एक मात्र साधन है नाव.

इस आशंका के मद्देनज़र कि यह माओवादियों की कोई चाल भी हो सकती है, पुलिस के अधिकारी जल्दबाज़ी से काम नहीं लेना चाह रहे थे और मामले में पूरी सावधानी बरत रहे थे. इतनी सतर्कता बरती गई है कि घटना के बारे में कोई अधिकारी कुछ कहने को ही तैयार नहीं.

दंतेवाड़ा के बाद बीजापुर छत्तीसगढ़ का सबसे संवेदनशील ज़िला माना जाता है. पिछले एक महीने में इस ज़िले में माओवादी गतिविधियों में अचानक वृद्धि हुई है. इस दौरान माओवादियों नें कई लोगों की जान पुलिस का मुख़बिर होने के आरोप में ली है.

राज्य के पुलिस महकमे नें दोनों मामलों में चुप्पी साध रखी है.

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