कश्मीर में रिहा होंगे पत्थर चलाने वाले युवक

Image caption चिदंबरम के नेतृत्व में पिछले दिनों एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल कश्मीर के दौरे पर गया था.

भारतीय गृहमंत्री ने कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में कई घोषणाएं की हैं जिसमें विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ़्तार युवाओं की रिहाई के साथ-साथ सुरक्षा बलों की मौजूदगी की समीक्षा भी शामिल है.

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक के बाद गृहमंत्री पी चिदंबरम ने एक संवाददाता सम्मेलन में कई अहम घोषणाएं कीं. इसमें सुरक्षा मामलों के लिए सौ करोड़ रुपए देने की घोषणा भी हुई है.

इसमें अलग-अलग गुटों के साथ बातचीत के लिए एक मध्यस्थ दल की नियुक्ति, सैनिकों की मौजूदगी की समीक्षा, मारे गए लोगों के परिवारों को पांच लाख रूपए का मुहावज़ा और अशांत क्षेत्र अधिनियम की समीक्षा की बात भी है.

गृहमंत्री चिदंबरम का कहना था कि इन सब कदमों से उन्हें उम्मीद है कि कश्मीर के प्रदर्शनकारियों समेत अलग-अलग गुटों की चिंताओं को दूर किया जा सकेगा.

चिदंबरम के नेतृत्व में हाल ही में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भारतीय कश्मीर के दौरे से लौटा है और शनिवार को हुई ये घोषणाएं लोगों और नेताओं से बातचीत के बाद की गई हैं.

प्रतिक्रिया

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि इसी सोमवार से स्कूलों को खोल दिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि कश्मीर में तनाव को कम करने के लिए कदम उठाए जाएंगे और हूर्रियत से अपील की कि वो सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग करें.

वहीं पाकिस्तान-समर्थक अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी ने इस एलान को बेमानी बताते हुए कहा है कि जबतक भारत सरकार कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय विवाद का दर्जा नहीं देती तबतक वहां आंदोलन जारी रहेगा.

वहीं जेकेएलएफ़ के नेता यासिन मलिक का कहना था कि उनकी पार्टी पूरे एलान की समीक्षा के बाद ही कोई प्रतिक्रिया देगी.

उधर, राष्ट्रमंडल खेलों की सुरक्षा पर बात करते हुए चिदंबरम ने कहा कि शनिवार को 12 खेलस्थलों में से 11 को पूरी सुरक्षा के साथ आयोजन समिति को सौंप दिया गया है.

उन्होंने कहा कि उद्घाटन समारोह के दौरान स्टेडियम के अंदर और बाहर पूरी सुरक्षा रहेगी.

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