सोमवार से घाटी में स्कूल खुलेंगे

  • 26 सितंबर 2010
कश्मीर में प्रदर्शन
Image caption अलगाववादियों की ओर से फिर से बंद करने की घोषणा की है

भारतीय राज्य जम्मू कश्मीर के स्कूल शिक्षा मंत्री पीरज़ादा मोहम्मद सईद ने कहा है कि कश्मीर घाटी के स्कूल सोमवार से सामान्य रूप से खुल जाएँगे.

श्रीनगर में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने स्कूलों में इम्तिहानों की तिथियों के भी घोषणा की जो तीस सितंबर से शुरू होकर दिसंबर के पहले हफ़्ते तक जारी रहेंगीं.

सईद ने कहा सबसे पहले बारहवीं के उन छात्रों के इम्तिहान होंगें जो 'प्राइवेट' स्टूडेंट के तौर पर परीक्षा में शामिल हो रहे हैं.

शनिवार को भारत प्रशासित कश्मीर के लिए एक नए पैकेज की घोषणा करते हुए भारत सरकार ने राज्य सरकार से कहा था कि घाटी में पिछले कई महीनों से बंद शिक्षण संस्थाओं को फ़ौरन खोला जाना चाहिए.

राज्य सरकार की यह घोषणा एक ऐसे समय पर आई है जब पृथकतावादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने सोमवार से ही एक हड़ताल का एलान कर रखा है. हुर्रियत नेता ने पिछले हफ़्ते कहा था कि हड़ताल के तिथि की घोषणा करते समय वह परीक्षा कार्यक्रम का ध्यान रखेंगें लेकिन ख़बरों के अनुसार इस पर नौजवानों ने काफ़ी तीखी प्रतिक्रिया की है. सोशल नेटवर्किंग साईट फेसबुक पर आए इन बयानों में कहा गया है कि जब गिलानी ने पहले हड़ताल की घोषणा करते समय स्कूल कार्यक्रमों का ध्यान नहीं रखा तो अब वह इम्तिहान को इतनी अहमियत क्यों दे रहे हैं. युवाओं ने अपने संदेश में आज़ादी को इम्तिहान से ज्यादा अहम् बताया है.

बच्चों की सुरक्षा

Image caption कश्मीर में जून के बाद से स्कूल ज़्यादातर बंद ही रहे हैं

पिछले तीन महीनों से जारी प्रदर्शनों और उसके दौरान उपजी हिंसा के मद्देनज़र घाटी के शिक्षण संस्थान नियमित तौर पर नहीं चल पाए हैं हालाँकि किसी ने इनके बंद किये जाने की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की थी. शिक्षा मंत्री ने अभिवावकों से कहा कि सरकार ने बच्चों के बहिफाज़त स्कूल पहुँचाने की पूरी व्यवस्था की है और वह अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजना शुरू कर दें. शिक्षा मंत्री ने कहा कि शनिवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक हुई जिसमें पुलिस और प्रशासन के लोग भी शामिल थे. उन्होंने कहा कि सुरक्षा बालों को इस बात के निर्देश दिए गए हैं कि वह छात्रों और शिक्षकों के पहचान पत्र और यूनिफार्म को कर्फ़्यू पास की तरह मान्य करें. उनका कहना था कि प्रशासन श्रीनगर के ग्यारह रूट्स पर छात्रों को स्कूल लाने और ले जाने के लिए विशेष बसें चलाएगा. हालाँकि उन्होंने इन बसों के रुट की जानकारी देने से इनकार कर दिया और यह भी नहीं बताया कि आख़िर घाटी के दूसरे शहरों में बच्चे यातायात के किन माध्यमों से स्कूल पहुँच पाएंगें. जब पत्रकारों ने स्कूली शिक्षा मंत्री से यह पूछा कि अगर प्रदर्शन और पत्थरबाजी के दौरान कोई परीक्षार्थी इम्तिहान देने नहीं पहुँच पाया तो उसके लिए क्या इंतज़ाम किए गए हैं, तो पहले तो उन्होंने कहा कि इसकी ज़िम्मेदारी उन पृथकतावादी नेताओं के ऊपर है जो प्रदर्शन का आह्वान करते हैं लेकिन बाद में कहा कि वैसे छात्रों के लिए दुबारा इम्तिहान करवाए जाएँगें. इस बीच प्रशासन ने आज दक्षिणी कश्मीर के पांच शहरों - अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और अवंतिपुरा शहरों और उत्तरी कश्मीर के हिंदवाड़ा नगर से कर्फ़्यू पूरी तरह से हटा लिया है. बदगाम ज़िले में भी अब कर्फ़्यू नहीं है. जबकि राजधानी श्रीनगर, कुपवाड़ा, त्रिगाम और कालूपुरा में कर्फ़्यू में थोड़े-थोड़े समय के लिए ढील दी गई.

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