'फ़ैसला कुछ भी हो माहौल सुरक्षित रखेंगे'

शांति मार्च
Image caption अयोध्या में विवादित स्थल के मालिकाना हक़ को लेकर फ़ैसला आना है

अयोध्या मुद्दे को लेकर बने अनिश्चय के माहौल में जयपुर में विभिन्न धर्मो के आचार्यो ने शांति मार्च निकाला और अमन के लिए दुआ की.

इस शांति मार्च में सभी धर्मो के लोग शामिल थे.

इन धर्माचार्यो ने कहा है कि फ़ैसला कुछ भी हो, शांति और सद्भाव की हिफ़ाज़त की जाएगी.

जयपुर की सड़कों पर अमन का ये कारवां निकला तो उसमे आरती की पवित्रता का भाव था तो अज़ान की पाकीज़गी भी. लिबास अलग अलग थे, इबादत का तरीका भी अलग था. मगर जब इन धर्मो के महंत, पुजारी, उलेमा इकराम और फादर एक साथ निकले तो इंसानियत को बाँटने वाली दीवारें ढह गई.

इस शांति मार्च में शामिल फादर विजयपाल कहते है, "हम समाज में प्रेम और भाईचारे का संदेश देने निकले है. अलग अलग धर्म के लोग जब साथ निकलते हैं तो इसका अपना महत्व होता है."

जयपुर के स्थानीय प्रशासन ने इन धर्माचार्यो को इस शांति मार्च के लिए प्रोत्साहित किया.

इंसानियत के नाते...

जयपुर के पुलिस महानिरीक्षक बीएल सोनी कहते है, "मैं यहाँ एसपी भी रह चुका हूँ, मगर इस बार परस्पर विश्वास और भाईचारे का वातावरण बहुत ही अच्छा है."

जमात ए इस्लामी के मुखिया सलीम इंजीनियर कहते है कि लोग अमन और सद्भाव के पक्षधर है. वे कहते हैं, "वो बीता दौर था, इस बार फिज़ा में 1992 जैसा माहौल नहीं है. वैसी तल्खी नहीं है. लोग उन ताकतों को पहचान चुके है जो नफरत फैलाते है. हम सब मिलकर पारंपरिक भाईचारे को बनाए रखेंगे और इसीलिए सड़कों पर निकले है."

इस कारवां में शामिल गलता पीठ के आचार्य अवधेश कहते है, "हर धर्म अमन और इंसानियत का संदेश देता है. ये ही बात हम लोगो को समझाने को निकले हैं."

जयपुर की एक गुरुद्वारा कमिटी के सदस्य नरेंद्र सिंह खुद इस यात्रा में शामिल हुए और बताया, "हमारी एक ही तमन्ना है कि कोई ऐसा फैसला आए जो सभी धर्मो और लोगो में ख़ुशी का भाव पैदा करे. हमारा मुल्क दुनिया से अलग है. इसमें सभी धर्मों के लोग मोहबत और सद्भाव के साथ रहते है. ये माहौल हम सुरक्षित रखेंगे."

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