फ़ैसला वेबसाइट पर भी उपलब्ध होगा

Image caption अयोध्या में भी सुरक्षा व्यवस्था काफ़ी सख़्त है.

अयोध्या मामले पर गुरूवार को आनेवाला फ़ैसला एक वेबसाइट पर भी उपलब्ध होगा. वहीं लखनऊ में उच्च अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था काफ़ी सख़्त है.

लखनऊ उच्च अदालत की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि फ़ैसले के अहम अंश एक वेबसाइट पर भी फ़ौरन उपलब्ध कराए जाएंगे.

वेबसाइट है www.allahabadhighcourt.in/ayodhyabench.html.

अदालत ने उन वकीलों से भी अदालत न आने का अनुरोध किया है जिनका कोई मुकदमा गुरूवार को सूची में नहीं हो.

वकीलों से अपना पहचानपत्र भी लाने को कहा गया है.

इसके अलावा जिन लोगों के मुकदमों की सुनवाई गुरूवार को होनी है वो परिसर में एक पास के ज़रिए ही दाखिल हो सकेंगे.

Image caption यही है वो विवादित स्थल जिसपर फ़ैसला होना है.

जिस कमरे में अयोध्या मामले पर फ़ैसला आएगा वहां सिर्फ़ इस मामले के चारों पक्षों से जुड़े लोग और उनके वकील एक विशेष पास के ज़रिए आ सकेंगे.

अदालत ने मीडिया से भी अनुरोध किया है कि जब तक उन्हें फ़ैसले की प्रति नहीं मिल जाए किसी तरह की टिप्पणी या अनुमान से बचें.

इसके अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 16 स्थानों को अतिसंवेदनशील घोषित किया है और 32 शहरों को संवेदनशील बताया गया है.

अतिसंवेदनशील राज्यों में उत्तरप्रदेश के अलावा तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात और मध्यप्रदेश को शामिल किया गया है.

एनबीए की हिदायतें

भारत में टेलीविज़न चैनलों की नियामक संस्था 'न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन' यानि एनबीए ने विवादित बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि स्थल के मालिकाना हक़ के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के संभावित फ़ैसले की कवरेज के लिए विशेष दिशा र्निदेश जारी किए है.

सदस्य चैनलों को जारी इन दिशा निर्देशों में एनबीए ने कहा है, “मुक़दमे के अति संवेदनशील होने के मद्देनज़र इस ख़बर से संबंधित कवरेज सनसनीखे़ज़, उत्तेजक और भड़काऊ न हों.”

संपादकों को सचेत रहने की सलाह देते हुए एनबीए ने कहा है कि इन दिशा निर्देशों के उलंघन की सूरत में चैनलों के खिलाफ “सख्त कारवाई की जाएगी.”

एएनबीए ने चैनलों से यह भी कहा है कि वह फैसले की ख़बर देते समय बाबरी मस्जिद विध्वंस की तस्वीरें या फ़ूटेज न दिखाऐं.

संस्था ने अपने बयान में कोर्ट के फ़ैसले की प्रतिक्रिया में हुए विरोध प्रर्दशनों या ख़ुशी मनाने से जुडी़ तस्वीरें या वीडियो न दिखाने की सलाह दी है.

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