भारत आगे बढ़ चुका है: चिदंबरम

Image caption उत्तर प्रदेश में एक लाख नब्बे हज़ार सुरक्षा बल तैनात हैं.

भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम ने अयोध्या मामले पर फैसले से पहले सुरक्षा इंतज़ाम पर संतुष्टि जताते हुए कहा है कि भारत अब 1992 के मुक़ाबले काफ़ी आगे बढ़ चुका है.

चिदंबरम ने कहा है कि 1992 के बाद पैदा हुए भारतीयों का विश्व नज़रिया अलग हैं.

उनका कहना था, "इस पीढ़ी के लिए भारत एक बहुत बड़ी और अलग कहानी है और वो इस तरह की घटनाओं से उस कहानी का रूख बदलता नहीं देखना चाहते."

गृहमंत्री ने क़ानून व्यवस्था के प्रति पूरा विश्वास जताते हुए कहा कि ज़्यादातर लोगों ने कहा है कि वो अदालत के फ़ैसले का सम्मान करेंगे और उसके बाद का कोई भी कदम उठाने के लिए क़ानून का रास्ता चुनेंगे.

चिदंबरम ने कहा "जिस तरह के कदम हमने उठाए है, हमें पूरा भरोसा है कि हम पूरे भारत में क़ानून व्यवस्था बनाए रखने में कामयाब होगें."

उनका कहना था कि फ़ैसले की वजह से किसी परेशानी का कोई अंदेशा नहीं है लेकिन फिर भी सरकार ने ज़रुरी सुरक्षा मुहैया करवाई है.

उन्होंने भारत की जनता से क़ानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की.

उनका कहना था," मैं समाज के सभी वर्गों से अपील करता हूँ कि क़ानून व्यवस्था बनाए रखने में सरकार का सहयोग करें और देश के मूल्यों को कायम रखने में मदद करें."

चिदंबरम ने अपनी अपील के अंत में महात्मा गाँधी के प्रिय भजन की दो पंक्तियां भी दोहराई " ईशवर अल्ला तेरो नाम, सबको सनमति दे भगवान. "

उत्तरप्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था के पर बात करते हुए गृहमंत्री का कहना था कि वहां 1,90,000 पुलिसकर्मी मौजूद हैं और वहां के अधिकारियों ने कहा है कि प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार है.

सरकार ने एक साथ बडी संख्या में किए जाने वाले एसएमएस पर भी अगले आदेश तक रोक जारी रखने का फैसला किया है ताकि कोई भी असामाजिक तत्व स्थितिं का फ़ायदा न उठा सके.

इसके पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी देश की जनता से शांति बरतने की अपील की थी.

चिदंबरम का कहना था कि इस फ़ैसले की ख़ासियत होगी कि कोई भी पक्ष सीधे तौर पर हार या जीत का एलान नहीं कर सकता.

उनका कहना था, "लेकिन एक प्रशिक्षित वकील के तौर पर मैं इतना कह सकता हूं कि फ़ैसले के फ़ौरन बाद कुछ पक्ष सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटा सकते हैं."

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