भ्रष्टाचार पर जताया ऐतराज़

सुप्रीम कोर्ट
Image caption भारत के सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामलों पर अपनी नाराज़गी व्यक्त की है.

भारत के उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों से जुड़े भ्रष्टाचार के कथित मामलों पर अपनी नाराज़गी व्यक्त की है.

सुप्रीम कोर्ट इस बात को लेकर ख़ासा नाराज़ है कि दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के पास 'फ़ुट ओवरब्रिज' निर्माण के दौरान ही ढह गया.

अदालत का कहना था, "इस देश में बिना काम पूरा किए भुगतान कर दिया जाता है. नया बना पुल ताश के पत्तों की तरह ढह गया. 70,000 करोड़ रूपए लगे हैं इन खेलों पर. इस देश में पूरी तरह से भ्रष्टाचार व्याप्त है. हम अपनी आँखें बंद करके नहीं रह सकते."

राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों की ओर इशारा करते हुए सु्प्रीम कोर्ट ने कहा कि "अक्तूबर 15 तक 'कॉमनवेल्थ' सार्वजनिक उद्देश्य के लिए है. बाद में इसका उद्देश्य 'निजी' हो जाएगा."

सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणी ऐतिहासिक जंतर मंतर के संरक्षण संबंधी एक मामले की सुनवाई के दौरान की.

एनडीएमसी को फ़टकार

सुप्रीम कोर्ट ने नई दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (एनडीएमसी) को इस मामले में फ़टकार लगाई है.

कोर्ट ने कहा कि "आप कितने बददिमाग़ और क़ानून की अवमानना करनेवाले हैं. आप में देश के इतिहास और उसके संविधान के लिए कोई इज़्ज़त नहीं है. आपके लिए सिर्फ़ पैसा मायने रखता है. आप जंतर मंतर को एक मॉल या होटल में तब्दील क्यों नहीं कर देते और भारत चमक उठेगा."

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में एनडीएमसी के ख़िलाफ़ भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण (एएसआई) के एक मामले की सुनवाई चल रही है.

एनडीएमसी की बिल्डिंग का एक हिस्सा संसद मार्ग पर पड़ता है, जोकि ऐतिहासिक जंतर मंतर के 100 मीटर के अंदर है.

एएसआई का कहना है कि ये उस क़ानून का उल्लंघन है जो सरकार ने जंतर मंतर के संरक्षण के लिए बनाए हैं.

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