सुप्रीम कोर्ट जाएँगे: वक्फ़ बोर्ड

बाबरी मस्जिद
Image caption इस मामले में सुन्नी वक्फ़ बोर्ड की याचिका को ख़ारिज कर दिया गया है

उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ़ बोर्ड ने कहा है कि वह इलाहाबाद हाईकोर्ट के फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा.

बोर्ड के ज़फ़रयाब जिलानी ने कहा, "हम विवादित भूमि को तीन हिस्सों में विभाजित किए जाने के हाईकोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करेंगे."

उनका कहना है कि यह फ़ैसला वक्फ़ बोर्ड को मंज़ूर नहीं है.

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ पीठ ने बहुमत से यह फ़ैसला दिया है जिस जगह पर राम की मूर्ति स्थापित है वहाँ मूर्ति ही रहेगी और शेष ज़मीन को तीन बराबर हिस्सों में बाँटा जाएगा.

इसमें से एक हिस्सा सुन्नी वक्फ़ बोर्ड को देने का फ़ैसला किया है.

जफ़रयाब जिलानी का कहना है कि सुन्नी वक्फ़ बोर्ड इस ज़मीन को नहीं छोड़ने वाला है.

हालांकि उन्होंने कहा है कि बोर्ड इस मामले को सुलझाने के लिए किसी भी प्रकार के समझौते के लिए तैयार है.

उन्होंने कहा, "यदि कोई प्रस्ताव आता है तो बातचीत हो सकती है."

उन्होंने कहा कि अगले 90 दिनों तक अयोध्या में यथास्थिति बरकार रहेगी और इस बीच बोर्ड सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकता है.

सुन्नी वक्फ़ बोर्ड के वकील ने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से चर्चा के बाद सुप्रीम कोर्ट में अपील की जाएगी.

उनका कहना था कि वे व्यक्तिगत रुप से तीन न्यायाधीशों के फ़ैसले से सहमत नहीं हूँ.

उन्होंने कहा, "बाबरी मस्जिद मामले में जो फ़ैसला सुनाया गया है वह एक हद तक निराश करने वाला है और यह क़ानून के सिद्धांतों और मुसलमानों की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के ख़िलाफ़ है." उनका कहना था कि चूंकि उन्होंने पूरा निर्णय नहीं पढ़ा है इसलिए वे इस समय इससे अधिक कुछ नहीं कह सकते.

उन्होंने देश में शांति की अपील भी की.

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