'शरारती तत्वों, अफ़वाहों से सावधान रहें'

मनमोहन सिंह, भारत के प्रधानमंत्री
Image caption भारत की संस्कृति का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से शांति की अपील है

अयोध्या के विवादित स्थल पर इलाहाबाद हाइकोर्ट के फ़ैसले के बाद भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देशवासियों से भारतीय संस्कृति और परंपरा के मुताबिक शांति बनाए रखने की अपील की है.

इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ पीठ के फ़ैसले के बाद प्रधानमंत्री ने सभी धर्मों और आस्थाओं के प्रति सम्मान दिखाने की बात की है.

मनमोहन सिंह ने अपनी अपील में कहा:

"इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद के मालिकाना हक़ पर अपना फ़ैसला सुना दिया है. एक लंबे न्यायिक प्रक्रिया के बाद यह फ़ैसला सुनाया गया है. इस संवेदनशील मामले पर विभिन्न समुदाय के लोगों के भिन्न विचार रहे हैं.

तीन माननीय जजों ने जो फ़ैसला सुनाया है उसकी पड़ताल ध्यान से करने की ज़रूरत है. हाईकोर्ट ने ख़ुद तीन महीने तक यथास्थिति बहाल करने की बात की है. साथ ही हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों के लिए सुप्रीम कोर्ट में जाने का रास्ता खुला छोड़ दिया है."

कई जजों ने इस बात को माना है कि कई जटिल मामले इस विवादित मु्द्दे में शामिल रहे हैं. तीन अलग फ़ैसलों में माननीय जजों ने विभिन्न पक्षों को एक तरह से हर मामलों में राहत दी है. सही निष्कर्ष इस समय यही है कि जब तक मामला सुप्रीम कोर्ट में नहीं जाता तब तक यथास्थिति बरकरार रखी जाएगी.

भारत के लोगों में मेरी पूरी आस्था है. इस महान देश की संस्कृति, धर्म निरपेक्षता और भाईचारे में मेरी पूरी आस्था है. मैं जानता हूँ कि कुछ उपद्रवी लोग ही समाज में दरार पैदा करते हैं. मैं देशवासियों से अपील करता हूँ कि इस तरह के शरारती और अफवाह फैलाने वाले लोगों पर विशेष नज़र रखें, जो शांति और सौहार्द बिगाड़ सकते हैं.

मेरी समाज के सभी वर्गों से अपील है कि वे शांति बनाए रखें और भारतीय संस्कृति के मुताबिक सभी धर्मों और आस्थाओं के प्रति सम्मान दिखाएँ. मैं कहना चाहूँगा कि सरकार अपनी तरफ़ से कानून-व्यवस्था और शांति बरकरार रखने के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं.

मैं आशा करता हूँ कि कोर्ट के फ़ैसले के प्रति भारतवासियों की प्रतिक्रिया गरीमापूर्ण होगी जिस पर देश को गर्व होगा."

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