माओवादियों ने बंधक पुलिसकर्मियों को रिहा किया

  • 1 अक्तूबर 2010
माओवादी (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption माओवादियों ने बीजापुर से इन पुलिसकर्मियों को 19 सितंबर को बंधक बनाया था

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में माओवादियों ने 19 सितंबर को जिन चार पुलिसकर्मियों को बंधक बनाया था, उन्हें रिहा कर दिया गया है. वे दंतेवाड़ा के पुलिस प्रमुख के दफ़्तर पहुँच गए हैं.

गुरुवार को देर रात माओवादियों ने इन चार पुलिसकर्मियों को मादेड़-बीजापुर के बीच स्थित जंगलों में कुछ स्थानीय पत्रकारों के सामने रिहा कर दिया.

इसके कुछ घंटे बाद ये पुलिसकर्मी दंतेवाड़ा के पुलिस प्रमुख आरपी कालुरी के दफ़्तर पहुँचे. पुलिस के अनुसार उनके मेडिकल टेस्ट हो रहे हैं और पूछताछ के बाद उन्हें अपने घर पहुँचाया जाएगा.

ग़ौरतलब है कि हाल में छत्तीसगढ़ के मुख्य मंत्री रमन सिंह ने कहा था कि बंदियों को जल्द रिहा कराने के प्रयास हो रहे हैं.

लोक कवि और वामपंथी धारा के समर्थक वरवरा राव ने भी हाल में माओवादियों से अपील की थी कि वे इन 'पुलिसकर्मियों को रिहा कर दें क्योंकि माँगे मँगवाने का ये सही तरीका नहीं है.'

माओवादियों ने इन पुलिसकर्मियों की रिहाई के लिए शर्त रखी थी कि पुलिस की हिरासत में उनके कुछ सहयोगियों को रिहा किया जाए और उनके ख़िलाफ़ सशस्त्र अभियान बंद कर बातचीत की शुरुआत हो.

माओवादियों ने पुलिसकर्मियों की रिहाई के लिए जो समयसीमा रखी थी, वो समाप्त हो गई थी और इसके बाद उनके बारे में भ्रम की स्थिति बनी हुई थी.

माओवादियों ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर जि़ल़े में दस दिनों पहले इन पुलिसवालों को अगवा किया था और धमकी दी थी कि यदि उनकी माँगें नहीं मानी जाती तो वे इन लोगों को जान से मार देंगे.

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