बढ़ते कट्टरपंथ से चिंतित मालदीव

मोहम्मद नशीद और सोनिया गांधी
Image caption राष्ट्रमंडल खेलों के उदघाटन समारोह में मोहम्मद नशीद और सोनिया गांधी

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने कहा है कि उनके देश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता गंभीर चिंता का विषय है.

दिल्ली में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों के शुभारंभ में भाग लेने के लिए दिल्ली आए राष्ट्रपति नशीद ने बीबीसी हिंदी से एक ख़ास बातचीत में ये बातें कहीं.

राष्ट्रपति नशीद ने कहा,"ये बहुत दुःख की बात है कि मालदीव के कुछ युवा पाकिस्तान स्थित मदरसों में पढ़ाई कर अतिवादी विचारधारा को अपना रहे हैं और जब यही छात्र मालदीव लौटते हैं तो उस अतिवादी विचारधारा को फैलाते हैं."

उन्होंने कहा कि इस तरह से इस्लामिक चरमपंथ बढ़ रहा है और ये एक मुद्दा है, लेकिन आप इसे कैसे सुलझाते हैं ये अलग विषय है.

इसके कारणों का ज़िक्र करते हुए राष्ट्रपति नशीद ने कहा कि मालदीव में प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा का इंतज़ाम तो है लेकिन उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधा नहीं होने के कारण छात्र पढ़ने के लिए पाकिस्तान जाते हैं.

उन्होंने कहा,"अब हमलोगों ने इस पर निगरानी रखने के लिए कुछ क़दम उठाए हैं. अब मालदीव के छात्र केवल उन्हीं शिक्षण संस्थानों या मदरसों में जा सकते हैं जिन्हें पाकिस्तान सरकार और मालदीव सरकार से मान्यता प्राप्त है.

"इस तरह की ख़बरे आती रही हैं कि पाकिस्तान की धरती पर सक्रिय कुछ चरमपंथी संगठन मालदीव में भी अपना पैर पसारने की कोशिश कर रहे हैं."

खंडन

भारत के कुछ सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 2008 में समुद्र के रास्ते मुंबई पर हुए चरमपंथी हमले जैसी दूसरी घटना मालदीव के रास्ते से भी संभव है.

ऐसी किसी भी आशंका को ख़ारिज करते हुए राष्ट्रपति नशीद ने कहा कि मालदीव की धरती का इस्तेमाल कभी भी भारत विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं हो सकता.

नशीद के मुताबिक़ किसी भी भारतीय सुरक्षा विशेषज्ञ के ज़ेहन में मालदीव के सामरिक महत्व का होना बहुत स्वाभाविक है.

उन्होंने कहा,"मालदीव ये बात समझता है, लेकिन मुझे पूरा यक़ीन है कि मालदीव से भारत को कभी भी किसी तरह का कोई ख़तरा नहीं हो सकता चाहे वो पाकिस्तान, चीन,चाँद, सूरज या सितारों के ज़रिए हो. किसी के लिए मालदीव में बग़ैर अधिकारियों को पता चले कोई भी प्रशिक्षण शिविर लगाना संभव नहीं है."

आपसी संबंध

Image caption नशीद ने कहा कि उनका देश भारत के साथ एक अच्छे दोस्त की तरह रहना चाहता है

भारत-मालदीव के रिश्तों का ज़िक्र करते हुए राष्ट्रपति नशीद ने कहा कि भारत और मालदीव का रिश्ता हज़ारों साल पुराना है लिहाज़ा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रुप से दोनों देशों में बहुत समानताएं हैं.

उनके अनुसार दोनो देशों के बीच रिश्ते दिन-ब-दिन मज़बूत होते जा रहे हैं.

लेकिन ये पूछे जाने पर कि क्या मालदीव में चीन और पाकिस्तान की बढ़ती रुचि का भारत-मालदीव के संबंधों पर भी असर पड़ सकता है राष्ट्रपति नशीद ने कहा कि भारत एक पड़ोसी मित्र देश है और दोनों देश अच्छे दोस्त की तरह रहना चाहते हैं.

नशीद के मुताबिक़ दूसरे देशों से मालदीव का द्विपक्षीय संबंध है जिसे भारत बहुत अच्छे से समझता है.

उन्होंने कहा कि मालदीव हमेशा भारत के प्रति वफ़ादार बना रहेगा.

राष्ट्रमंडल खेल के उदघाटन समारोह के बारे में राष्ट्रपति नशीद ने कहा कि भारत ने बहुत ही शानदार आयोजन किया था. उनके मुताबिक़ राष्ट्रमंडल खेल समारोहों में ये अब तक का सबसे बेहतरीन उदघाटन समारोह था.

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