भारतीय महिलाओं का सऊदी अरब का दौरा

सउदी अरब के उच्चायुक्त फ़ैसल हसन तराद
Image caption भारत में सऊदी अरब के उच्चायुक्त फ़ैसल हसन तराद के मुताबिक इससे संवाद बेहतर होगा

सऊदी अरब का नाम सुनते ही एक ख़ास क़िस्म की पोशाक पहने अरबी शेख़ या सिर से पैर तक बुर्क़ा पहने सऊदी महिलाओं का चेहरा ज़ेहन में सामने आता है. लेकिन अब शायद सऊदी अरब में महिलाओं की स्थिति बदल रही है.

सऊदी महिलाएं नौकरियां करने लगी हैं. महिलाएं अब मंत्री भी बनने लगी हैं. नुरा अल फ़ैज़ वहां शिक्षा मंत्री हैं जो कि सऊदी अरब की पहली महिला मंत्री हैं.

सऊदी अरब में महिलाओं की स्थिति को और ज़्यादा जानने और समझने के लिए भारत से केवल महिलाओं का एक प्रतिनिधिमंडल पहली बार सऊदी अरब गया है.

भारत में समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से संबंध रखने वाली इन महिलाओं का ये दल शुक्रवार की शाम दिल्ली से रवाना हुआ.

बेहतर संवाद

भारत में सऊदी अरब के उच्चायुक्त फ़ैसल हसन तराद ने बीबीसी को बताया, "इस प्रतिनिधिमंडल के ज़रिए हम भारतीय समाज के विभिन्न अंगों से ताल्लुक़ रखने वाली महिलाओं को सऊदी अरब दिखाना चाहते हैं, ताकि वो सऊदी अरब में महिलाओं के योगदान को ज़्यादा से ज़्यादा जान सकें और सऊदी अरब में महिलाएं क्या अहम ज़िम्मेदारी निभा रही हैं उनको समझ सकें."

उच्चायुक्त हसन के अनुसार दोनों देशों के बीच वर्षों पुराना रिश्ता है. इस समय भारत के 20 लाख 66 हज़ार लोग सऊदी अरब में रहते हैं.

पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार में भी काफ़ी इज़ाफ़ा हुआ है.

साल 2000 में दोनों देशों के बीच केवल 30 करोड़ डॉलर का व्यापार होता था जबकि 2009 में ये बढ़कर 28 अरब डॉलर हो गया है.

इस प्रतिनिधिमंडल में कुल छह महिलाएं हैं.

Image caption पहली बार भारतीय महिलाओं का कोई प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब गया है.

उत्साह

जानी मानी सामाजिक कार्यकर्ता मधु किश्वर ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि वो पहली बार सऊदी अरब जा रही हैं और वो इस यात्रा को लेकर काफ़ी उत्साहित हैं.

मधु किश्वर का कहना था, "इससे एक नए अध्याय की शुरुआत होगी. सऊदी अरब के बारे मे जो एक आम मानसिकता बनी हुई है कि औरतों और मानवाधिकार के मामले में वहां का समाज बहुत ही दक़ियानूसी है, इस दौरे के ज़रिए शायद सऊदी अरब अपनी एक नई छवि बनाना चाहता है और दुनिया के साथ एक नया रिश्ता क़ायम करना चाहता है."

प्रतिनिधिमंडल की एक दूसरी सदस्य पत्रकार और लेखिका नीलोफ़र सोहरावर्दी ने कहा, "इस दौरे के ज़रिए सऊदी अरब समाज में महिलाओं की स्थिति को एक नए नज़रिए से देखने का मौक़ा मिलेगा."

उन्होंने कहा कि भारत में अब तक सऊदी अरब को सिर्फ़ हज या तेल की राजनीति से जोड़कर देखा जाता रहा है लेकिन इस दौरे के बाद उन्हें बिल्कुल नया अनुभव होने की उम्मीद है.

प्रतिनिधिमंडल की बाक़ी सदस्यों में दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज की प्रधानाध्यापिका बबली मोइत्रा, कपड़ों की डिज़ाइनर मधु राव, जानी मानी प्लास्टिक सर्जन रश्मि तनेजा, राजनीतिज्ञ और पत्रकार लुई ख़ुर्शीद शामिल हैं.

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