तेलंगाना के लिए गदर ने दल बनाया

  • 10 अक्तूबर 2010
Image caption पृथक तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर काफ़ी समय से आंदोलन चल रहा है

लोकप्रिय क्रांतिकारी गायक और कलाकार गदर के नेतृत्व में शनिवार को एक नए दल 'तेलंगाना प्रजा फ्रंट' की स्थापना की गई है जो अलग तेलंगाना राज्य के लिए जन आंदोलन छेड़ेगा.

शनिवार को हैदराबाद में पूरे तेलंगाना से आए हुए प्रतिनिधिओं की बैठक में नए दल की नीतियों और कार्यक्रम पर बहस के बाद गदर को सर्वसम्मति से फ्रंट का अध्यक्ष चुन लिया गया.

इस अवसर पर एक समिति गठित की गई जिसमें 84 सदस्य शामिल हैं. गदर ने कहा कि उनका असल उद्देश्य इस फ्रंट को एक बड़ी राजनीतिक शक्ति बनाना है ताकि वो अलग तेलंगाना राज्य की स्थापना के लिए आम जनता को संगठित कर सकें और जन आंदोलन छेड़ सकें. गदर ने कहा कि यह दल आम राजनीतिक दलों से अलग होगा और वो केवल चुनावी राजनीति से अलग राज्य प्राप्त करने पर विश्वास नहीं रखेगा.

नए दल का कार्यक्रम

उन्होंने तेलंगाना राष्ट्र समिति या किसी और दल का नाम लिए बिना कहा कि जो दल तेलंगाना के नाम पर स्थापित किए गए थे, वो तेलंगाना की जनता की आकांक्षाओं और इच्छाओं को पूरा करने में विफल रहे हैं.

उनका कहना था,"तेलंगाना की जनता आत्म सम्मान और स्वशासन चाहती है,बराबर का अधिकार चाहती है". भविष्य के कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनका फ्रंट तेलंगाना के प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के विरुद्ध लड़ेगा और इस क्षेत्र की समस्याओं पर चलाए जाने वाले हर आंदोलन में हिस्सा लेगा. फ्रंट के कार्यक्रम पर कहा गया है कि फ्रंट न तो खुद चुनावी राजनीति में भाग लेगा और न ही वो किसी और राजनीतिक दल को अपने नाम का फायदा उठाने की अनुमति देगा. गदर ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता यह होगी कि तमाम राजनीतिक दलों को संसद के आगामी सत्र में ही तेलंगाना की स्थापना का विधेयक लाने पर मजबूर किया जाए.

इस फ्रंट की स्थापना की बैठक में कई दूसरे संगठनों, छात्र,युवा और महिलाओं की संयुक्त समितियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. गदर ने इस अवसर पर लोगों में जोश भर देने वाले क्रांतिकारी गीत भी सुनाए. इधर एक नए दल के उभरने से चिंता में डूबे तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर राव ने कड़ा रुख़ अपनाते हुए धमकी दी कि अगर श्रीकृष्ण समिति की रिपोर्ट तेलंगाना के पक्ष में न रही, तो वो 31 दिसंबर के बाद एक बार फिर आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे.

उल्लेखनीय है कि गत नवंबर में चंद्रशेखर राव आमरण अनशन पर बैठे थे और उसके बाद विस्फोटक स्थिति उत्पन्न हो गई थी और केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम को घोषणा करनी पड़ी थी कि तेलंगाना राज्य की स्थापना की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.

उसके बाद केंद्र ने इस पूरे मामले पर जस्टिस श्रीकृष्ण के नेतृत्व में एक समिति गठित की थी जो दिसंबर के अंत तक अपनी रिपोर्ट देने वाली है.

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