ग़रीब सवर्णों को आरक्षण: राजद-लोजपा

लालू-पासवान
Image caption राजद-लोजपा गठबंधन को नीतीश के एनडीए से कड़ी चुनौती का सामना करना होगा.

राष्ट्रीय जनता दल और लोक जनशक्ति पार्टी (राजद-लोजपा गठबंधन) के संयुक्त चुनावी घोषणापत्र में ग़रीब सवर्णों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण का वादा किया गया है.

सोमवार रात पटना में पत्रकार सम्मलेन में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और लोजपा अध्यक्ष राम विलास पासवान ने राज्य विधानसभा चुनाव के सिलसिले में अपना यह घोषणापत्र जारी किया.

'सबको लुभाने की कोशिश'

इस मौक़े पर लालू प्रसाद ने घोषणापत्र की जिन बातों को प्रमुखता से उठाना चाहा, वो ख़ास तौर पर सवर्णों यानी ऊँची जातियों के अलावा दलित-पिछड़े समाज और अल्पसंख्यकों को लुभाने जैसी बातें थीं.

उन्होंने कहा, "अगर राजद-लोजपा गठबंधन की सरकार बनी तो सरकारी सेवाओं में ऊँची जातियों के ग़रीब लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए राज्य विधान मंडल से संविधान संशोधन संबंधी प्रस्ताव पारित कराके उसे केंद्र के पास भेजा जाएगा."

मुस्लिम समाज को ध्यान में रखते हुए घोषणा पत्र में कहा गया है कि राज्य के सभी माध्यमिक स्कूलों में अनिवार्य रूप से उर्दू की पढ़ाई सुनिश्चित की जाएगी. सभी प्राइमरी स्कूलों में उर्दू बोलने वाले छात्रों को उर्दू माध्यम से पढ़ाने की व्यवस्था होगी.

सभी सड़कों के नाम संबंधी नेम-प्लेट उर्दू में भी होंगे. हरेक सघन मुस्लिम आबादी वाले इलाक़े में उर्दू कन्या हाई स्कूल खोले जाएंगे.

इसी तरह और भी कई वायदे किए गए हैं. हर एक परिवार से कम-से-कम एक व्यक्ति को रोज़गार की गारंटी देने की भी चर्चा है.

राम विलास पासवान ने इस घोषणा पत्र की कुछ ख़ास बातों का उल्लेख करते हुए कहा, "राजद-लोजपा सरकार बनने के 24 घंटे के भीतर ये व्यवस्था की जाएगी कि सबको प्रतिमाह पांच लीटर और विशेष ज़रुरत पर ज़्यादा भी किरोसीन तेल ज़रूर मिले.''

चार महीने के अंदर बीपीएल यानी ग़रीबी रेखा से नींचे वालों की सूची बिलकुल दुरुस्त कर देने और ठेके पर नियुक्त सभी स्कूल-शिक्षकों और न्याय-मित्रों की सेवा नियमित कर देने का भी वादा उन्होंने किया.

दोनों नेताओं ने नीतीश शासनकाल को भ्रष्टतम बताते हुए कहा कि राजद-लोजपा सरकार सबसे पहले भ्रष्टाचार और रिश्वतख़ोरी पर हमला बोलेगी.

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