दोबारा विश्वास मत के लिए तैयार

  • 12 अक्तूबर 2010
कर्नाटक विधानसभा
Image caption राज्यपाल ने येदुरप्पा सरकार को 14 अक्टूबर को सदन में दोबारा बहुमत साबित करने को कहा है.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदुरप्पा ने कहा है कि उनकी सरकार 14 अक्तूबर को एक बार फिर से विश्वास मत हासिल करेगी. मंगलवार सुबह राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने मुख्यमंत्री को ख़त लिखकर दोबारा विश्वास हासिल करने के लिए कहा था.

मुख्यमंत्री ने येदुरप्पा ने कहा, "मुझे यक़ीन है कि हम चौदह अक्तूबर को सुबह 11 बजे विश्वास मत हासिल कर लेंगे."

इससे पहले बंगलौर में पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल ने कहा था '' सोमवार को विश्वास मत हासिल करने के लिए जो प्रक्रिया हुई वो संविधान के नियमों के अनुसार नहीं हुई थी. इसलिए मैने मुख्यमंत्री येदुरप्पा से कहा है कि मैं उन्हें विधानसभा में बहुमत सिद्ध करने का एक और मौका दे रहा हूं.''

फ़ैसला सुरक्षित

मंगलवार को ही कर्नाटक में 11 भाजपा विधायकों को बर्ख़ास्त करने के मामले में हाईकोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित रखा था. इसके अलावा अदालत ने पांच बर्ख़ास्त निर्दलीय विधायकों की अर्ज़ी पर सुनवाई को 18 अक्तूबर के लिए स्थगित कर दिया था.

सोमवार को विधानसभा में विश्वास मत लाए जाने से पहले स्पीकर ने बीजेपी के 11 और पांच निर्दलीय विधायकों को विधानसभा से बर्ख़ास्त कर दिया था.

इन विधायकों ने दो अलग याचिकाएँ दायर कर स्पीकर के इस फ़ैसले को चुनौती दी थी.

इससे पहले मंगलवार को कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा को ख़त लिखकर दोबारा 14 अक्तूबर दोपहर 11 बजे तक विश्वास मत हासिल करने को कहा था.

बंगलौर में पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल ने कहा कि 11 अक्तूबर को कर्नाटक विधानसभा में जिस प्रकार के हंगामें में विश्वासमत पर जिस प्रकार से ध्वनिमत से मतदान हुआ वो उस फ़ैसले को स्वीकार नहीं कर सकते.

भारद्वाज ने कहा, ''जिस तरह ध्वनिमत से विश्वासमत पारित कराया गया उससे यह पता नहीं चलता की कितने विधायकों ने विश्वासमत के पक्ष में मतदान किया और कितने लोगों ने इसके ख़िलाफ़ वोट डाले.''

''यह प्रक्रिया संविधान के नियमों के अनुसार नहीं हुई है. इसलिए मैने मुख्यमंत्री येदुरप्पा से कहा है कि मैं उन्हें विधानसभा में बहुमत सिद्ध करने का एक और मौका दे रहा हूं.''

'भ्रष्टचार से तंग आ चुका हूं'

सत्तारुढ़ भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वो इस सरकार से जुड़े भ्रष्टचार के मामलों से तंग आ चुके हैं. उनका कहना था कि इस सरकार का आधा मंत्रिमंडल भ्रष्टाचार के आरोपों के घेरे में है.

उन्होंने कहा कि उनकी ज़िम्मेदारी किसी पार्टी की तरफ़ नहीं बल्कि राज्य के राज्यपाल के नाते कर्नाटक की जनता की ओर है.

इधर पार्टी हाईकमान से मुलाक़ात करने दिल्ली पहुंचे कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा ने कहा है कि वो इस मामले में पार्टी नेतृत्व से चर्चा करने और कानूनी सलाह लेने के बाद ही अगला कदम उठाएंगे.

भारतीय जनता पार्टी ने राज्यपाल हंसराज भारद्वाज की यह कहते हुए आलोचना की थी कि उन्होंने विश्वासमत से पहले विधानसभा अध्यक्ष को चिठ्ठी लिखकर स्पीकर पर दबाव डाला कि वो भाजपा 11 और 6 निर्दलीय विधायकों को बर्ख़ास्त किए बिना विश्वास मत पर मतदान करवाएं.

'राज्यपाल ने संकट पैदा किया'

भारतीय जनता पार्टी ने इसे राज्यपाल की दख़लअंदाज़ी बताते हुए कहा था कि वो कांग्रेस के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं.

इस मामले पर संवाददाताओं से बात करते हुए भाजपा नेता अरुण जेटली ने कहा, ''कर्नाटक में पिछले कुछ दिनों की घटनाओं ने कोई राजनातिक संकट पैदा नहीं किया लेकिन कर्नाटक के राज्यपाल राज्य में राजनीतिक संकट पैदा करने पर तुले हैं. वो अपनी संवैधानिक ताकत से ऊपर उठकर स्पीकर के कामकाज में दख़ल दे रहे. राज्यपाल पूरी तरह अपनी निष्पक्षता खो चुके हैं और ऐसे में उन्हें पद से तत्काल हटा दिया जाना चाहिए. ''

वहीं बंगलौर में हाईकोर्ट में दो सदस्यीय जजों की एक बेंच उन 11 भाजपा और 6 निर्दलीय विधायको की याचिका पर सुनवायी कर रहा है कि उन्हें विधानसभा अध्यक्ष ने ग़ैरक़ानूनी तरीके से निलंबित किया है.

राष्ट्रपति शासन

कर्नाटक के राज्यपाल ने सोमवार को केंद्र सरकार को मामले पर अपनी रिपोर्ट भेजी, जिसमें राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की सिफारिश की गई है.

इस पर बातचीत के लिए सोमवार को प्रधानमंत्री के निवास पर कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक हुई. इस बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनके राजनीतिक सचिव अहमद पटेल, गृह मंत्री पी चिदंबरम ने हिस्सा लिया.

Image caption कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि 'कर्नाटक में लोकतंत्र और संविधान की हत्या हुई है.'

बैठक में कोई अंतिम फ़ैसला नहीं लिया जा सका, केवल इतना तय हुआ कि इस मुद्दे पर कोई ठोस फ़ैसला करने के लिए मंगलावार शाम को केंद्रीय मंत्रीमंडल की बैठक की जाएगी.

'आरोप-प्रत्यारोप'

कर्नाटक में विपक्षी कांग्रेस और जनता दल (सेक्यूलर) ने नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए राजभवन जाकर 29 माह पुरानी येदियुरप्पा सरकार को बर्ख़ास्त करने की मांग की है.

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि 'कर्नाटक में लोकतंत्र और संविधान की हत्या हुई है.'

लेकिन भाजपा सरकार के विश्वास मत जीतने पर संतोष ज़ाहिर करते हुए भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया और कहा, "कांग्रेस और जेडी (एस) ने भाजपा सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें की है."

भाजपा के ही वरिष्ठ नेता एम. वेंकैया नायडू ने कांग्रेस और जेडी (एस) पर 'गंदी चालें' चलने का आरोप लगाते हुए कहा कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की सरकार के पास पर्याप्त संख्या बल था जिस कारण उन्होंने विधानसभा में बहुमत साबित कर दिया.

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