अखबार पर हमले की निंदा

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Image caption अख़बार हमले के लिए पुलिस को दोषी बता रही है

हिंदुस्तान टाइम्स अखबार समूह के कानपुर कार्यालय पर शुक्रवार की रात हुए पुलिस हमले को लेकर राज्य के पत्रकारों ने रोष व्यक्त किया है हालांकि पुलिस ऐसी किसी घटना से इंकार कर रही है.

अखबार का कहना है कि पुलिस हाल ही में कानपुर में एक बच्ची के साथ बलात्कार और मृत्यु की घटना में दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है. उनका कहना है कि इस घटना का अखबार ने पर्दाफ़ाश किया और यह हमला उसी का नतीजा है.

पत्रकारों ने घटना के विरोध में एक धरने का आयोजन किया और मुख्यमंत्री मायावती के नाम एक ज्ञापन स्थानीय प्रशासन को सौंपा है.

वे इस हादसे के लिए पुलिस उप महानिरीक्षक प्रेम प्रकाश को ज़िम्मेदार बता रहे हैं.

कानपुर मंडल के कमिश्नर अमित घोष का कहना है कि ज्ञापन को उचित कार्रवाई के लिए शासन को भेजा जाएगा.

'पुलिस स्वयं हमलावर'

उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के उपाध्यक्ष मुदित माथुर ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पहले लखनऊ में मौलाना अहमद बुखारी ने एक पत्रकार पर हमला किया लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई और अब कानपुर में पुलिस स्वयं हमलावर हो गई है.

लखनऊ में दैनिक हिन्दुस्तान के स्थानीय संपादक नवीन जोशी के अनुसार शुक्रवार आधी रात पुलिस ने कानपुर कार्यालय को चारों ओर से घेर लिया, कई लोगों की गाडियां जब्त कर लीं और अखबार का वितरण करने वाली गाडियों को थाने उठा ले गयी.

अखबार का आरोप है कि घटना से सबंधित लोग सत्ताधारी दल से जुड़े हैं.

पिछले महीने कानपुर के एक स्कूल में पढ़ने वाली दस वर्षीया छात्रा के साथ बलात्कार किया गया और फिर अधिक ख़ून बहने से अस्पताल में उसकी मौत हो गई.

इस सिलसिले में स्कूल प्रबंधक के बेटे को गिरफ़्तार भी किया गया है.

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