बिहार में मतदान ख़त्म

बिहार चुनाव

बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण के लिए 47 सीटों पर मतदान खत्म हो गया है. हालांकि मतदान के कुल प्रतिशत का आंकड़ा आना अभी बाक़ी है.

बिहार के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी अरविंद कुमार चौधरी ने दिन में हुई एक बात चीत में बीबीसी को बताया था कि तबतक के चुनाव पूरी तरह से शांतिपूर्ण थे और दोपहर पौने तीन बजे तक लगभग 40 प्रतिशत मतदान हुआ था.

उन्होंने बताया कि सुपौल ज़िले के छातापुर सीट के एक पीठासीन अधिकारी को थप्पड़ मारने के आरोप में जदयू के उम्मीदवार नीरज कुमार बबलू पर मामला दर्ज कर उनकी गिरफ़्तारी के आदेश दिए गए हैं.

लंबी कतारें

सुबह से ही गाँवों में मतदाताओं की लंबी क़तारें लगी हुईं थीं, लेकिन शहरी मतदाताओं में चुनाव को लेकर उत्साह में कमी साफ़ नज़र आई.

सहरसा के सुजिदाबाद के एक मतदान केंद्र पर सुबह ही लगभग 300 लोग लाइन पर लगे थे, लेकिन लोगों की शिकायत थी कि परिचय पत्र और अन्य जाँच के कारण एक घंटे में केवल 40 लोग ही वोट डाल पाए.

पहले चरण के लिए मतदान गुरुवार सुबह सात बजे शुरु हो गया था.

ये क्षेत्र राज्य के मिथिलांचल और सीमांचल से जुड़े हुए हैं.

उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटे हैं. पहले दौर में लगभग एक करोड़ सात लाख मतदाताओं को 631 उम्मीदवारों में से अपनी पसंद के प्रत्याशियों को चुनने का हक मिला.

इनके लिए 10868 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. 52 महिला उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.

प्रमुख उम्मीदवारों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष महबूब अली कैसर, राज्य सरकार के तीन मंत्री- विजेंद्र प्रसाद यादव, नरेंद्र नारायण यादव और रेणु सिन्हा, पूर्व सांसद लवली आनंद और रंजीता रंजन शामिल हैं.

सब से ज़्यादा 22 प्रत्याशियों वाला क्षेत्र है कदवा और सबसे कम सात उम्मीदवार सिंहेश्वर में हैं. सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र सहरसा है और सबसे छोटा है कोचाधामन.

सुरक्षा इंतज़ाम

राज्य के पुलिस महानिदेशक नीलमणि और मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुधीर कुमार राकेश ने पत्रकारों को बताया कि इस बार हरेक मतदान केंद्र पर सशस्त्र पुलिस बलों को तैनात किया गया था.

उनके मुताबिक़ 80 प्रतिशत बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बल और बाक़ी पर बिहार सैन्य पुलिस और राज्य पुलिस के जवान तैनात किए गए. साथ ही दियारा इलाक़े में घुड़सवार पुलिस और हवाई निगरानी के लिए सुरक्षा बल युक्त एक हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई थी.

इनके अलावा पूरे इलाक़े में गश्ती दल हर स्थिति का सामना करने को तैयार रहेंगे. पुलिस महानिदेशक ने इसे अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था मानते हुए ये भी जोड़ा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हरेक बूथ पर केन्द्रीय अर्ध सैनिक बल के जवान तैनात रहे.

पहले दौर के मतदान वाले 47 विधानसभा क्षेत्रों में पिछले चुनाव की जीती हुई सबसे ज़्यादा 27 सीटें जदयू- भाजपा की हैं.

इसलिए सत्ताधारी गठबंधन को ये बढ़त क़ायम रखने और विपक्षी राजद-लोजपा गठबंधन या कांग्रेस को सीटें छीनने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा.

इस दौर में भाजपा ने 21, जदयू ने 26 और कांग्रेस ने सभी 47 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए हैं.

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