नीतीश-लालू की प्रतिष्ठा दाँव पर

  • 22 अक्तूबर 2010
नीतीश कुमार

चौबीस अक्तूबर को बिहार के दूसरे चरण में 45 सीटों पर होने वाले मतदान के लिए शुक्रवार को चुनाव प्रचार ख़त्म हो गया है.

इस चरण में सीतामढ़ी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुज़फ़्फ़रपुर, पूर्वी चंपारण और शिवहर ज़िलों में मतदान होना.

समस्तीपुर से सुबह सीतामढ़ी के लिए निकलने से पहले जब अखबार हाथ में लिया तो ख़बर देखी रामविलास पासवान ने दरभंगा ज़िले के दो विधानसभा क्षेत्रों में मोबाइल के ज़रिए जनसभा संबोधित किया.

इस उदाहरण से अंदाज़ा तो हो ही गया होगा कि दूसरे चरण के चुनाव प्रचार काफ़ी हाई-टेक थे..और हाँ हाई स्पीड तो थे ही. चट मंगनी पट ब्याह के अदांज़ में हेलिकॉप्टरों से नेता आए और तुरत-फुरत मे सभा संबोधित कर विदा हो गए.

अगर उम्मदीवारों की बात करे तो इस चरण की 45 सीटों के लिए 623 उम्मीदवार मैदान में है.

बदले रंग

दरभंगा, समस्तीपुर, मुज़फ़्फ़रपुर, सीतामढ़ी इन सब को देखते सुनते ये लगा कि चुनाव प्रचार के ढंग और रंग दोनों बदल गए हैं.

चुनाव आयोग के नियम-क़ानून का ही शायद असर होगा कि बड़े होर्डिंग, बैनर, पोस्टर नहीं दिखे. मोटरसाइकिलों पर सवार कई प्रचारको को ज़रूर देखा. नहीं तो मामला उतना रंगीन नहीं था.

नीतीश कुमार, लालू यादव, रामविलास पासवान, सुशील मोदी तो जम कर दौरा कर रहे थे और राज्य के बाहर से जो नेता प्रचार में शामिल हुए उनमें मुख्य लालकृष्ण आडवाणी और राहुल गांधी थे.

इनकी इन इलाक़ों में कुछ जनसभाएँ हुईं और उनमें भीड़ भी ख़ूब थी. बाद में शत्रुघ्न सिन्हा ने ‘मैं आ गया हूँ’ के अंदाज़ मे एंट्री ज़रूर ली और सुना है उनकी सभाओं मे आडवाणी जी की सभाओं से ज़्यादा भीड़ थी.

बहरहाल जनसभाओं में भीड़ जमती है लेकिन नेताओं की तक़रीर से जनता का मूड बदल जाए वैसा प्रभाव हमने किसी जनसभा मे होते नही देखा. लोग आते हैं, सुनते हैं और पूछने पर कि कैसा लगा किसको देंगे वोट– बहुत सधे अंदाज मे कहते हैं- देखते हैं.

इसमें कोई शक नहीं कि नीतीश सरकार के विकास के दावे का असर पूरे प्रांत में है.

दूसरे चरण मे जहाँ भी मतदान होना है उन ज़िलों में सड़को और स्कूलों की बेहतर हुई स्थिति, लड़कियों को मिली साइकिल की चर्चा तो ज़रूर ही हुई, लेकिन कई जगह लोगों ने कहा- भूखे पेट सड़क पर साइकिल चला कर क्या करेंगे.

उम्मीदवार

कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी ने इस दौर में सभी सीटों पर उम्मदीवार खड़े किए हैं.

Image caption आडवाणी भी चुनाव प्रचार के लिए बिहार पहुँचे

जद (यू) ने 28, बीजेपी ने 17, आरजेडी ने 34, लोकजनशक्ति पार्टी ने 11 सीटों पर उम्मदीवार खड़े किए हैं. वामदलों के कुल मिलाकर 28 उम्मीदवार मैदान में हैं.

जिन रसूख वाले नेताओं के भाग्य का फ़ैसला इस चरण में होना है, वे हैं- राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और बिहार प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल बारी सिद्दीक़ी अलीनगर विधानसभा क्षेत्र से, जनता दल (यू) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी सरायरंजन विधानसभा सीट से, जद (यू) के मंत्री रामनाथ ठाकुर समस्तीपुर से और शाहिद अली ख़ान सुरसंड से.

प्रचार में स्थानीय मुद्दों की चर्चा की कमी दिखी. या तो लोग विकास की तूती बजाते रहे या दूसरे उसकी धज्जियां उड़ाने मे लगे रहे.

इन सीटों पर भी मुख्य मुक़ाबला नीतीश कुमार और लालू यादव के बीच ही है. लेकिन जनता बस चाहती है कि चुनाव ऐसा हो कि राज्य को मज़बूत सरकार मिले.

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