'समझौता विस्फोट के तार अजमेर धमाके से'

Image caption 2007 में दिल्ली से अटारी जा रही समझौता एक्सप्रेस में हुए विस्फोट में 66 लोग मारे गए थे

अजमेर बम धमाकों की जाँच का एक अध्याय पूरा करने के बाद राजस्थान पुलिस के आतंकवाद विरोधी दस्ते यानी एटीएस को इस बात में दम लगता है कि समझौता एक्सप्रेस विस्फोट में भी उन्हीं लोगों का हाथ हो सकता है जो अजमेर दरगाह धमाकों के सिलसिले में गिरफ़्तार किए गए हैं.

एटीएस ने अदालत में दाखिल चार्ज शीट में कहा है, ''पानीपत के दीवाना रेलवे स्टेशन के पास इस ट्रेन में हुए बम विस्फोट में उपलब्ध सबूत और वारदात के तरीके से ऐसा लगता है कि ये घटना भी इसी गिरोह का कार्य है''.

18 फ़रवरी 2007 में दिल्ली से अटारी जा रही समझौता एक्सप्रेस में दो धमाके हुए थे जिसमें 66 लोग जलकर मारे गए थे. इनमें से अधिकतर पाकिस्तानी थे.

एटीएस को एक हिन्दू संगठन के दिवंगत कार्यकर्ता सुनील जोशी की वो डायरी मिली है जो बताती है कि स्वर्गीय जोशी आरएसएस के प्रमुख नेता इन्द्रेश कुमार के बहुत निकट थे.

एटीएस ने पाया कि सुनील जोशी का अजमेर धमाके में मुख्य योगदान था. पुलिस ने दरगाह धमाकों के सिलसिले में अपनी जाँच में आरएसएस नेता इन्द्रेश का ज़िक्र किया है.लेकिन इन्द्रेश, आरएसएस और भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया है.

एटीएस ने इस बारे में कहा है, “जाँच से ये साबित हो चुका है कि इस बम विस्फोट की घटना में बम बनाने के तमाम उपकरण और सामग्री जो घटना स्थल से पाए गए थे, वे इंदौर शहर से ही खरीदे गए थे. इस आतंकवादी गिरोह के अधिकांश सदस्य भी इंदौर शहर से जुड़े हुए है और इंदौर व उसका निकटवर्ती इलाका उनका कार्यक्षेत्र रहा है.”

आरएसएस से निकटता

राजस्थान की पूर्व मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे ने इन्द्रेश का जम कर बचाव किया है और कहा है कि दरअसल इन्द्रेश तो मुस्लिम समाज को जोड़ने का काम कर रहे थे.

वसुंधरा राजे ने एक सभा में ये भी कहा था कि इन्द्रेश हिन्दू-मुसलमानों में एकता लाने का काम कर रहे थे जिससे कांग्रेस सरकार को अपनी जमीन खिसकती नज़र आने लगी थी.

एटीएस ने जोशी का नाम अजमेर बम धमाके की चार्ज शीट में एक अभियुक्त के रूप में दर्ज किया है और कहा है कि उनकी 29 दिसम्बर , 2007 को मध्य परदेश के देवास में हत्या हो गई.

एटीएस ने हरीयाणा पुलिस से इस ट्रेन विस्फोट की पूरी तफ़सील एकत्रित की है और इस घटना को अंजाम देने के तरीके को अजमेर दरगाह में हुए धमाके से मिलाया.

पुलिस ने स्वर्गीय जोशी की डायरी में दर्ज इन्द्रेश के दो फ़ोन नंबरों पर नज़र डाली है. डायरी में आरएसएस के पते ठिकाने भी दर्ज हैं.

समझा जा रहा है कि पुलिस अब उन लोगों से पूछताछ कर सकती है जिनका उल्लेख डायरी में किया गया है. पुलिस चार्ज शीट दाखिल करने के साथ ये भी कह रही है कि कई गोपनीय पहलुओ पर जाँच अभी जारी है.

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