आरोप राजनीति से प्रेरित: आरएसएस

राजस्थान में अजमेर की अदालत ने दरगाह विस्फोट मामले में गिरफ़्तार तीन लोगों को रिहा करने से इनकार कर दिया है. निचली अदालत ने अब इस मुक़दमे में दो नवंबर से नियमित कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है.

अजमेर दरगाह विस्फोट में कथित रूप से शामिल रहे हिंदू संगठन के कार्यकर्ता स्वर्गीय सुनील जोशी की एक डायरी ने कई लोगों की नींद उड़ा रखी है.

डायरी में आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार का नाम भी दर्ज़ है. लेकिन खुद इन्द्रेश और आरएसएस ने ऐसे आरोप को मनगढंत बताया है.

आरएसएस ने एक बयान जारी कर कहा है कि ये सब आरोप राजनीति से प्रेरित हैं.

बयान में कहा गया है, "राजस्थान एटीएस ने आरएसएस के इंद्रेश कुमार का नाम चार्जशीट में शामिल किया है. इसके बाद से कुछ राजनेता और जाँच एजेंसियाँ आरएसएस के ख़िलाफ़ आरोप लगा रही हैं जो दर्शाता है कि ये राजनीति से प्रेरित है और जाँच एंजेंसियों को प्रभावित करने की कोशिश जारी है."

बयान में आरएसएस नेता सुरेश जोशी ने कहा है कि इन बातों को संगठन सभी मंचों पर चुनौती देगा जिसमें अदालत तक जाना भी शामिल है.

क्या लिखा है डायरी में

इंद्रेश कुमार पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2005 में जयपुर में एक गोपनीय बैठक को संबोधित किया जिसमें ऐसे लोग शामिल थे जो बाद में दरगाह धमाको में गिरफ़्तार किए गए.

सूत्रों के मुताबिक़ इस घटना को लेकर आरएसएस में दो धाराएँ चल रही हैं. इसमें से एक गुट ने इंद्रेश की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं.

इंद्रेश कुमार आरएसएस की ऐसी योजना पर काम कर रहे थे जो मुसलमानों में आरएसएस समर्थक तैयार कर सकें.

उनके पास जम्मू और कश्मीर में भी आरएसएस के प्रभाव को विस्तार देने का काम था.

मगर अब आरएसएस सूत्रों का कहना है कि महाराष्ट्र के जलगाँव में अक्तूबर अंत में होने वाली अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में इस बारे में कोई निर्णय लिया जाएगा.

स्वर्गीय सुनील जोशी ने अपनी डायरी में लिखा है कि वो ये काम ईश्वर के द्वारा प्रदत्त शक्ति से ही कर पा रहे हैं.

वे लिखते हैं, ''मैं ये काम ईश्वर की प्रसन्नता के लिए ही कर रहा हूँ.” वे ये स्पष्ट नहीं कर पाए हैं कि वो कौन से काम के बारे में कह रहे हैं.

डायरी कहती है कि स्वर्गीय जोशी सावरकर से बहुत प्रभावित थे. उन्होंने अपनी डायरी में सावरकर के उस कथन को लिखा है जो अंडमान में लिखा था कि देशभक्ति का यह व्रत हमने आँख मूँदकर नहीं लिया है.

डायरी से ज्योतिष में सुनील जोशी की गहरी रूचि की झलक मिलती है .क्योंकि जोशी ने इसमें पंचाँग,गृह नक्षत्र और फलित की रेखाएँ उकेरी हैं. पर भविष्य में क्या होगा, ये रेखाएँ उस बारे में कोई मदद नहीं कर पाईं.

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