राष्ट्रकुल संसदीय संघ का सम्मेलन

  • 26 अक्तूबर 2010
मीरा कुमार
Image caption राष्ट्रकुल संसदीय संघ सम्मेलन रायपुर में हो रहा है.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 26 अक्तूबर से शुरू होने वाले भारत और एशिया क्षेत्र के चौथे राष्ट्रकुल संसदीय संघ सम्मेलन में नक्सलवाद, आतंकवाद अलगाववाद, खाद्य सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर सघन चर्चा की जायेगी.

इस सम्मलेन में पाकिस्तान,श्रीलंका,बांग्लादेश,मालदीव और श्रीलंका के विधान मंडलों और संसदों के सदस्य हिस्से ले रहे हैं.यह सम्मलेन 29 अक्तूबर तक चलेगा. राष्ट्रकुल संसदीय संघ के महासचिव विलियम ऍफ़ शीजा सम्मलेन में भाग लेने रायपुर पहुँच चुके हैं जबकि अन्य देशों के मेहमानों का आना लगा हुआ है.

लोक सभा अध्यक्ष मीरा कुमार इस सम्मलेन का विधिवत उदघाटन करेंगी.सम्मलेन के उदघाटन सत्र में ही सिर्फ़ मीडिया को आने की अनुमति दी गयी है जबकि बाक़ी कि सारी कारवाही "इन कैमरा" होगी यानी कि इन विवेचनाओं में सिर्फ़ प्रतिनिधि ही रहेंगे. छत्तीसगढ़ विधान सभा के अध्यक्ष धर्मलाल कौशिक नें बीबीसी से बातचीत में कहा,"यह हमारे लिए गर्व कि बात है कि भारत एवं एशिया क्षेत्र का चौथा राष्ट्रकुल संसदीय सम्मलेन रायपुर में हो रहा है.आतंकवाद पूरे विश्व के लिए एक बड़ी चुनौती है.हम चर्चा करेंगे कि आपसी सहयोग से किस तरह इससे निपटा जा सकता है.इस के अलावा खाद्य सुरक्षा पर भी चर्चा की जाएगी." कौशिक का कहना है कि "माओवादी आतंकवाद" देश के लिए सबसे बड़ा खतरा है. "कम से कम अब प्रधानमंत्री और गृहमंत्री समझ पा रहे हैं कि किन मुश्किल हालात से छत्तीसगढ़ को नक्सली हिंसा के बीच जूझना पढ़ रहा है."

संबंधित समाचार