गुजरात पर फ़ैसला सुनाने पर रोक हटी

  • 26 अक्तूबर 2010
Image caption गुजरात दंगों में बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को गुजरात दंगों के मामले में फ़ैसला सुनाने पर लगी रोक हटा ली है. अब निचली अदालतें इस मामले में फ़ैसला सुना सकेगी.

हालांकि सुप्रीम कोर्ट कहा है कि पूर्व कांग्रेस सांसद एहसान जाफ़री की हत्या के मामले में निचली अदालत को फ़ैसला नहीं सुनाना चाहिए.

जाफ़री की हत्या के मामले में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से विशेष जांच दल ने पूछताछ की है.

न्यायाधीश डीके जैन, आफ़ताब आलम और पी सतशिवम की सदस्यता वाली पीठ ने फ़ैसला सुनाए जाने पर लगाई गई रोक हटाने का आदेश दिया.

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के गुजरात सांप्रदायिक दंगों के मामले में एसआईटी की ओर से की गई जांच में खामियों के आरोप को देखते हुए निचली अदालत के इस मामले में फ़ैसला सुनाए जाने पर रोक लगाने का आदेश दिया था.

खंडपीठ ने कहा कि कोर्ट एहसान जाफ़री मामले की सुनवाई को जारी रख सकता है क्योंकि इस मामले में एसआईटी की पड़ताल अभी जारी है और गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं.

इसके बाद न्यायालय ने सीबीआई के पूर्व उपमहानिरीक्षक एके मल्होत्रा को एसआईटी की ओर से की गई जांच में खामियों के आरोपों की जांच पड़ताल करने के लिए नियुक्त किया था.

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