बच्ची को अस्पताल से बाहर फेंका

Image caption इस घटना से मुंबई के केईएम अस्पताल में सभी लोग स्तब्ध हैं

मुंबई के केईएम अस्पताल में सभी स्तब्ध हैं. वहाँ एक महिला पर आरोप लगा है कि उसने अपनी डेढ़ महीने की बच्ची को अस्पताल के शौचालय की खिड़की से बाहर फेंक दिया.

इस मामले को कन्या हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है.

महिला का नाम दीपिका परमार बताया जा रहा है और उसकी उम्र 29-30 के आसपास है. उसके जुड़वा बच्चे थे. दूसरा बच्चा लड़का था. ये घटना मंगलवार सुबह की है.

जिस वार्ड के शौचालय में ये घटना हुई, वो ज़मीनी तल पर था.

अस्पताल अधिकारियों के मुताबिक इस बच्ची के कान को चूहे खा गए. इन बच्चों की पैदाइश छह सितंबर की बताई जा रही है.

अस्पताल अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार सुबह इस महिला ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया कि उसकी बेटी को किसी ने चुरा लिया है लेकिन जब सिक्योरिटी कैमरे की फ़ुटेज की जाँच की गई तो इस महिला को कथित तौर पर बच्चे के साथ बाथरूम में जाते पाया गया और वापस आते समय इसके हाथ में बच्ची नहीं थी.

अस्पताल के डिप्टी डीन डॉक्टर नारायन भोसले ने बीबीसी को बताया कि ये दोनो बच्चे वक़्त से पहले पैदा हो गए थे और ये महिला अपने पति के साथ बच्ची के इलाज के लिए अस्पताल आई थी क्योंकि उसे सांस लेने में समस्या आ रही थी.

उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक़ नहीं कि फ़ुटेज में दिख रही महिला दीपिका ही है.

उन्होंने बताया , ''बच्चे का वज़न करीब एक किलो था. बच्ची को शौचालय की खिड़की के बाहर कूड़े में पाया गया. बच्ची के सर पर चोट थी और ऐसा लग रहा था कि उसका कान चूहा खा गया है. हमने इलाज की कोशिश की लेकिन तीन चार घंटे में ही उसकी मौत हो गई. इस घटना से दीपिका का पति भी आश्चर्यचकित है.''

उधर बताया जा रहा है कि दीपिका का कहना है कि ये बच्ची ग़लती से उसके हाथ से खिड़की के नीचे गिर गई.

दीपिका को भोईवाड़ा पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया गया है.

भोईवाड़ा के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर विक्रम पाटिल से संपर्क नहीं हो पाया लेकिन उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस अख़बार को बताया कि महिला के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया गया है और बाद में इसे हत्या का मामला मानकर भी दर्ज किया जा सकता है.

इस पूरे मामले को बालिका हत्या से जुड़े मामलों से जोड़कर देखा जा रहा है.

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