एटीएस करेगी इन्द्रेश कुमार से पूछताछ

अजमेर बम धमाका
Image caption अजमेर बम धमाके की जाँच के सिलसिले में अब इन्द्रेश कुमार से एटीएस पूछताछ करेगी

अजमेर दरगाह बम धमाके मामले में राजस्थान पुलिस अपनी जाँच का शिकंजा कसती जा रही है.

ऐसे संकेत है कि अजमेर दरगाह बम धमाके मामले में राजस्थान पुलिस का आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) आरएसएस नेता इन्द्रेश कुमार से पूछताछ करेगा.

एटीएस ने इन धमाकों में दाखिल चार्जशीट में इन्द्रेश कुमार के नाम का उल्लेख किया था.

राज्य के गृह मंत्री शांति धारीवाल ने बीबीसी से कहा है, "हाँ, इन्द्रेश के इसमें शामिल होने के सबूत मिले है. अब ये काम एटीएस का है कि वो कब और कैसे इसकी पड़ताल करती है."

उधर आरएसएस ने इसे कांग्रेस की साज़िश बताया है.

राज्य के गृह मंत्री के इस बयान के बाद इन्द्रेश कुमार के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती है.

हालांकि आरएसएस ने कहा है कि इसका जमकर मुक़ाबला किया जाएगा.

गृह मंत्री धारीवाल ने बीबीसी से कहा, "इन्द्रेश के ख़िलाफ़ सबूत मिले हैं. उन्होंने जयपुर के गुजराती समाज के गेस्ट हॉउस में उन लोगों को संबोधित किया जो धमकों के सिलसिले में पकड़े गए हैं. गेस्ट हाउस में कमरा दूसरे नाम से लिया. इस बैठक में छह लोग मौजूद थे."

'साज़िश'

गृह मंत्री का कहना था, ''हमारी जानकारी के मुताबिक इन्द्रेश ने न केवल इन लोगों को संबोधित किया बल्कि गाइडलाइन भी दी. उनसे कहा कि तुम लोग धार्मिक संगठनों से मिल कर चलो, अपनी यात्राओं को धार्मिक बताओ ताकि कोई तुम पर शक न करे और अपने अंजाम तक पहुँच सको, ये सब इन्द्रेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा.''

राजस्थान के गृह मंत्री ने बताया कि ये सब दर्शाता है कि इस घटना से वो जुड़े हुए थे, लिहाज़ा उनसे पूछताछ होगी.

गृह मंत्री का कहना है कि ये बैठक न केवल यहाँ गुजराती गेस्ट हॉउस में हुई बल्कि एक अहम बैठक वर्ष 2007 के मार्च महीने में भी हुई.

गृह मंत्री के मुताबिक ऐसी एक बैठक इंदौर और एक उज्जैन में भी हुई.

इन बैठकों में स्वामी असीमानंद के भी मौजूद होने की बात सामने आई है.

राज्य के गृह मंत्री कहते हैं कि असीमानंद के संगठन की सोच थी कि मुस्लिम संगठन जैसे विस्फोट कर रहे है, उसका बदला लेना है.

गृह मंत्री का कहना है, "इसके लिए बाक़ायदा काम बाँटा गया कि कौन धन जमा करेगा और कौन विस्फोटक लाएगा. ये छह सात लोगों का समूह था. असीमानंद ग़ायब है. बीजेपी प्रशासित राज्यों से उतनी मदद नहीं मिली."

उधर आरएसएस के मुखपत्र 'पाथेय कण' के संपादक केएल चतुर्वेदी ने कहा कि इन्द्रेश कुमार पूरी तरह से निर्दोष हैं.

चतुर्वेदी का कहना है, ''ये सरासर कांग्रेस सरकार की साज़िश है. दरअसल इन्द्रेश कुमार मुसलमानों को आरएसएस से जोड़ने का काम कर रहे थे. इससे बहुत सी भ्रांतियाँ दूर हो गईं थीं और कांग्रेस को लगा कि ये अगर कामयाब हुआ तो मुसलमान उनके हाथ से दूर हो जाएंगे, इसलिए ये साज़िश रची गई है. ये एक राजनीतिक साज़िश है."

बहरहाल इन बम धमाकों के सिलसिले में पुलिस ने चार्जशीट दाख़िल कर दी है और अजमेर की अदालत ने दो नवंबर से मुक़दमे की कार्यवाही शुरू करने का आदेश सुनाया है.

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