मेघेन के परिजन चिंतित

  • 27 अक्तूबर 2010
Image caption राजकुमार मेघेन मणिपुर में सक्रिय चरमपंथी संगठन यूएनएलएफ़ के प्रमुख हैं.

मणिपुर के एक अलगाववादी संगठन 'युनाईटेड नेशनल लिबरेशन फ़्रंट' के प्रमुख राजकुमार मेघेन के परिवारवालों ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि अगर उनके पास मेघेन के बारे में कोई जानकारी है तो वो उन्हें उपलब्ध करवाई जाए.

दो हफ़्ते पहले बांग्लादेश पुलिस ने राजकुमार मेघेन को ढाका से गिरफ़्तार किया था.

बीबीसी ने ही 13 अक्तूबर को मेघेन की गिरफ़्तारी की ख़बर दी थी.

राजकुमार मेघेन के बेटे राजकुमार चिंगलैन ने कहा, "मै उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हूँ, वो कहाँ है इस बारे में बांग्लादेश और भारत चुप्पी साधे हुए हैं."

वहीं राजकुमार मेघेन की पत्नी राजकुमारी ईबेनमुंगशी ने इस मामले में संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी मामलों के हाई कमिश्नर को मदद की गुहार लगाई हैं.

राजकुमारी ईबेनमुंगशी ने बीबीसी को फोन पर कहा "मुझे इस बात पर कोई आपत्ति नहीं है कि उनके ख़िलाफ़ भारत या बांग्लादेश में मुकदमा चले. लेकिन हमें ये जानने की ज़रुरत है कि वो ज़िंदा है या नहीं."

यूएनएलएफ़ का कहना है कि राजकुमार को ढाका में गिरफ़्तार किए जाने के बाद दिल्ली भेज दिया गया है और फ़िलहाल वो ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ की हिरासत में हैं.

रॉ की ओर से इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.

यूएनएलएफ़ के उपाध्यक्ष के एच पामबेई ने एक अज्ञात स्थान से बीबीसी को फ़ोन कर जानकारी दी थी कि राजकुमार मेघेन को उनकी कार में यात्रा करते वक्त गिरफ्तार कर लिया गया था और कुछ यूएनएलएफ़ पदाधिकारियों ने 29 सितम्बर को ढ़ाका के मोहम्मदपुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 1981 के तहत उनकी गुमशुदग़ी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी.

के एच पामबेई ने कहा "मेघेन की गिरफ़्तारी में बांग्लादेश पुलिस और भारतीय खुफ़िया एजेंसी शामिल थी. गिरफ्तार किए जाते वक्त वो हमें फोन करने में सफल रहे थे जिसमें उन्होने ये जानकारी दी कि उन्हे उनकी कार में यात्रा करते वक्त गिरफ़्तार कर लिया है. साथ ही मैने उन्हे बांग्ला औऱ हिन्दी में बोलते हुए सुना."

के एच पामबेई ने कहा है कि भारत को बताना चाहिए कि राजकुमार मेघेन कहाँ है और उन्हे अपने बचाव में काऩूनी सेवा दी जानी चाहिए.

'हमारे कब्ज़े में नहीं हैं'

भारतीय सेना के खुफ़िया विभाग के एक अधिकारी ने पहचान ना ज़ाहिर करने की शर्त पर बीबीसी को बताया कि मेघेन असल में दिल्ली में हैं.

भारत के गृह सचिव जी के पिल्लई ने ये तो स्वीकार किया कि राजकुमार मेघेन को ढाका में गिरफ्तार किया गया है पर उन्होने इस बात से इनकार किया कि मेघेन को दिल्ली लाया गया है.

भारत के गृह सचिव जी के पिल्लई ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा " वो अब तक हमारे कब्ज़े में नहीं हैं. हमने बांग्लादेश को लिखा है कि जल्द से जल्द मेघेन को भारत भेजा जाए."

बांग्लादेश भी राजकुमार मेघेन की गिरफ़्तारी पर चुप्पी साधे हुए है. पर मेघेन की गिरफ़्तारी से जुड़े बांग्लादेश के खुफ़िया अधिकारियों में बीबीसी के बताया है कि राजकुमार मेघेन को दिल्ली भेज दिया गया है.

यूएनएलएफ़ का गठन 1964 में हुआ था और ये इकलौता अलगाववादी संगठन है जो भारतीय सेना के लगातार हमलों के बावज़ूद बर्मा से सटे मणिपुर के कुछ क्षेत्र में अपना प्रभाव कायम करने में कामयाब रहा है.