अमरीका सकारात्मक रोल अदा करे तो हर्ज नहीं: पाकिस्तान

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत दौरे से पहले कहा है कि यदि भारत-पाक रिश्तों और कश्मीर मसले पर अमरीका सकारात्मक भूमिका अदा करे तो इसमें कोई हर्ज नहीं है.

बीबीसी उर्दू सेवा के जाफ़र रिज़वी के साथ बातचीत में क़ुरैशी ने कहा, "हम चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर का मसला हल हो और स्थायी शांति कायम हो. इसमें कश्मीरियों की भी राय ली जाए. दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की बात पर अमरीका को एतराज़ नहीं है बशर्ते दोनों देश तैयार हो."

उनका कहना था, "कश्मीर मामले पर मध्यस्थता की बात पर हिंदुस्तान को एतराज़ रहा है. पाकिस्तान को कोई एतराज़ नहीं है. लेकिन यदि अमरीका सकारात्मक रोल अदा करे तो इसमें कोई हर्ज नहीं है."

ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान में मुलतान में विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने हाल में इस बात का ज़िक्र किया था कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर का मुद्दा उजागर किया है.

उधर कश्मीर के मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी तरह की तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को भारत कई बारे सिरे से ख़ारिज कर चुका है और कहता रहा है कि ये द्विपक्षीय मुद्दा है.

हाल में भारत प्रशासित कश्मीर में हुए प्रदर्शनों और हिंसा पर क़ुरैशी ने कहा, "पूरी दुनिया मान रही है कि कश्मीर के आज के हालात पाकिस्तान के पैदा किए हुए नहीं है. ये वहाँ की घरेलू मूवमेंट (अभियान) है. दुनिया में कोई भी इस स्थिति के लिए पाकिस्तान पर इलज़ाम नहीं लगा रहा है, हिंदुस्तानी बुद्धिजीवी भी नहीं.."

कुछ ही दिनों में शुरु हो रहे राष्ट्रपति ओबामा के भारत दौरे के बारे में क़ुरैशी का कहना था कि पाकिस्तान को इस दौरे पर कोई एतराज़ नहीं है क्योंकि ये भारत-अमरीका द्विपक्षीय रिश्तों के तहत हो रहा है.

उनका कहना था कि अमरीका दोनों देशों का दोस्त है और इसमें मुक़ाबला नहीं है.

लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि असैनिक मामलों पर परमाणु तकनीक के सिलसिले में पाकिस्तान ने अमरीका से निवेदन किया है कि वह उसकी मदद करे. उनका कहना था कि पाकिस्तान को उम्मीद है कि उसके साथ असैनिक मामलों के लिए परमाणु तकनीक के मामले में अमरीका पक्षपात नहीं करेगा.

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