पोंटिएक कारों को अलविदा

पोंटिएक कार
Image caption 1980 के दशक तक इन कारों की बिक्री में भारी कमी आ गई.

अपनी 'रफ़ एण्ड टफ़' पहचान के लिए दुनियाभर में मशहूर अमरीका की पोंटिएक कारें अब सड़कों पर नहीं दिखेंगी.

पोंटिएक कारों को बनाने वालीं कंपनी जनरल मोटर्स ने आर्थिक तंगी और आंतरिक फेरबदल के चलते ये फ़ैसला किया है.

एक साल पहले जनरल मोटर्स ने पोंटिएक कारों का निर्माण बंद करने की घोषणा की थी.

1926 में बाज़ार में उतरी पोंटिएक कारों की शुरुआत मिशीगन के पोंटिएक शहर से हुई.

इस ब्रैंड का मकसद नौकरीपेशा लोगों को अपनी तरफ़ खींचना था.

इसके कई मशहूर मॉडल सामने आए जिनमें बॉनवीलि, जीटीओ और फॉयरबर्ड ट्रांसएम शामिल हैं.

सत्तर और अस्सी के दशक में इन कारों ने अपनी एक अलग पहचान बनाई. इन कारों के आकार को देखते हुए इन्हें कई हॉलीवुड फिल्मों में भी इस्तेमाल किया गया.

हॉलीवुड के अभिनेता बर्ट रेनॉलड ने एक हिट फिल्म 'स्मोकी एंड द बेंडिट' में काली और सुनहरी रंग की एक कार चलाई.

पोंटिएक का पतन

Image caption पोंटिएक में तकनीकी दिक्कतें आने से कंपनी की साख को भी धक्का लगा.

1980 के दशक तक इन कारों की बिक्री में भारी कमी आ गई.

जिसके बाद जनरल मोटर्स ने इस कंपनी को अपनाया और इन कारों को स्पोर्टस कार की रुपरेखा दी.

लॉस एंजलिस में मौजूद बीबीसी संवावदाता पीटर बोस के मुताबिक जीटीओ मॉडल की कार में लगे शक्तिशाली वी8 इंजन ने इसे एक बेहतरीन और तेज़ गति वाली स्पोर्टस कार बना दिया.

लेकिन 1990 से जनरल मोटर्स ने आर्थिक तंगी के चलते इन कारों को लेकर अपने बजट में कटौती शुरु कर दी.

कुछ पुराने मॉडल्स में तकनीकी दिक्कतें आने से कंपनी की साख को भी धक्का लगा.

पिछले कुछ सालों में जनरल मोटर्स में आ रही वित्तीय दिक्कतों और बाज़ार में आए बदलावों से इस कार की बिक्री पर ख़ासा असर पड़ा है.

आखिरकार जनरल मोटर्स ने खुद को दिवाला होने से बचाने के लिए पोंटिएक कारों को अलविदा कह दिया.

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