आंध्रःवर्षा से 25 मरे, तूफ़ान की आशंका

Image caption आंध्र प्रदेश में पहले भी लैला समुद्री तूफ़ान आ चुका है जब इससे प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में पहुँचाया गया था.

आंध्र प्रदेश की सरकार ने नौसेना और वायु सेना से अनुरोध किया है कि वो ज़रूरत पड़ने पर प्रशासन की सहायता के लिए तैयार रहें क्योंकि तटीय आंध्र को एक नए समुद्री तूफ़ान का ख़तरा है.

विशाखापट्टनम स्थित समुद्री तूफ़ान चेतावनी केंद्र का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में अंडमान निकोबार के निकट उठने वाला तूफ़ान उत्तरी तमिल नाडु और दक्षिणी आंध्र तट की और बढ़ रहा है.

इस केंद्र ने चेतावनी दी है कि अगर इसकी तीव्रता और भी बढ़ती है तो यह समुद्री तूफ़ान भयंकर क्षति पहुँचा सकता है.

मौसम विभाग का कहना है कि यह तूफ़ान शुक्रवार तक तट को पार कर सकता है जिस के प्रभाव से तटीय आंध्र और तमिल नाडु में तूफ़ानी वर्षा होगी.

जारी है वर्षा

यह चेतावनी एक ऐसे समय में दी गई है जबकि गत एक सप्ताह से जारी तूफ़ानी वर्षा और बाढ़ ने तटीय आंध्र के सात जिलों में 25 लोगों की जान ली है.

इसकी वजह से दो लाख 73 हज़ार एकड़ ज़मीन पर खड़ी फ़सल भी नष्ट हो गई है

Image caption आंध्र की बारिश और बाढ़ से इस बार अबतक 25 लोगों की जान गई है.

इस भारी वर्षा और बाढ़ से प्रभावित क़रीब 30 हज़ार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है.

अधिकारियों का कहना है कि तीन लाख से ज़्यादा लोग इससे प्रभावित हुए हैं और पाँच हज़ार से ज़्यादा घर नष्ट हो गए हैं.

यह तबाही श्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापट्टनम, पूर्वी और पश्चिमी गोदावरी, नेल्लोर और प्रकाशम में हुई है.

कई स्थानों पर रेल की पटरियाँ और सड़कें पानी में डूब जाने से सार्वजनिक यातायात में बाधाएँ पैदा हुई हैं.

राज्य में यह वर्षा उत्तरी-पूर्वी मॉंनसून से प्रभावित हुई है.

राजस्व मंत्री धर्मना प्रसाद राव ने कहा है कि "समुद्री तूफ़ान के ख़तरे के मद्देनज़र प्रशासन को चौकन्ना कर दिया गया है और निचले इलाकों में रहेने वाले लोगों से भी सतर्क रहने को कहा गया है."

दक्षिणी आँध्र प्रदेश को आम तौर पर हर वर्ष अक्टूबर के महीने में ही समुद्री तूफ़ान के ख़तरे का सामना करना पड़ता है लेकिन अबकी बार नवंबर में यह ख़तरा मंडरा रहा है.

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