ओबामा से छात्रों के सवाल

  • 7 नवंबर 2010
अफ़शीन ईरानी
Image caption अफ़शीन ईरानी ने ओबामा से पाकिस्तान के बारे में सवाल पूछकर सबको चौंका दिया

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपना 10 दिनों का एशिया दौरा भारत से शुरू किया क्योंकि वह चरमपंथ को लेकर एक संदेश दुनिया को देना चाहते थे, जैसा कि उन्होंने ख़ुद कहा.

उन्होंने मुंबई हमलों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि भी दी जिसके बाद उनका एक भाषण भी हुआ. लेकिन चरमपंथ के संदर्भ में उन्होंने पाकिस्तान का नाम नहीं लिया जिससे मीडिया में अनेक सवाल उठे.

लेकिन ओबामा जब रविवार को एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने सेंट ज़ेवियर्स कॉलेज पहुँचे तो मैनेजमेंट की 19 वर्षीय छात्रा अफ़शीन ईरानी ने उनसे वही सवाल पूछ लिया जो बहुत से भारतीय लोगों के मन में कौंध रहा था. सवाल था अमरीका पाकिस्तान को एक आतंकवादी देश क्यों नहीं घोषित करता?

इस एक सवाल का जवाब देते हुए ओबामा ने अपनी इस यात्रा के दौरान पहली बार पाकिस्तान का नाम लिया, साथ ही उन्होंने कई अन्य महत्वपूर्ण बातें भी कहीं.

लेकिन इस सवाल के बाद जैसे अफ़शीन ईरानी एक स्टार बन गई हैं.

अफ़शीन का कहना है कि वो ओबामा के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं लेकिन उन्हें पहले से ही लग रहा था कि ओबामा कूटनीतिक जवाब ही देंगे.

अफ़शीन कहती हैं, "ओबामा ने अपनी यात्रा में पाकिस्तान का कोई ज़िक्र नहीं किया था. मुझे जानने की उत्सुकता थी कि वो पाकिस्तान के बारे में क्या सोचते हैं."

अफ़शीन कहती हैं कि इसमें कोई शक नहीं कि ओबामा बहुत अच्छे वक्ता हैं. उनका कहना है कि वो अपने आपको बेहद ख़ुशनसीब समझती हैं कि उन्हें ओबामा से सवाल पूछने का मौका मिला.

प्रभावशाली व्यक्तित्व

अफ़शीन कहती हैं, "मेरे माता-पिता का कहना है कि उन्हें मुझ पर गर्व है. मेरे पास इतने फ़ोन और संदेश आ रहे हैं कि मैं उनका जवाब भी नहीं दे पा रही हूँ.

उनका कहना है कि उन्होंने बराक ओबामा के बारे में काफ़ी शोध किया था.

"मैंने पहले भिन्न सवाल पूछने के बारे में सोचा था कि एक तरफ़ जब रतन टाटा जैसे भारतीय लोग अमरीकी विश्वविद्यालयों को धन मुहैया करवा रहे हैं तो अमरीका इस बदले में भारत के लिए क्या कर रहा है. लेकिन अपने एक दोस्त से बातचीत के दौरान मैने पाकिस्तान के बारे में सवाल करने का फ़ैसला किया."

हालाँकि अफ़शीन कहती हैं कि सवाल पूछने से पहले वो थोड़ा अनिश्चित थीं और झिझक रही थीं क्योंकि ‘सवाल थोड़ा विवादास्पद था.’

अफ़शीन अपने कॉलेज की अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम समिति की डॉयरेक्टर हैं. साथ ही वो कॉलेज की ‘स्टुडेंट्स इन फ्री इंटरप्राइज़’ संस्था की भी प्रमुख हैं. ये संस्था गरीब और पिछड़े लोगों को अपने पैरों पर खड़े होने में मदद करती है.

उनका कहना था कि मौका मिले तो वो पाकिस्तान ज़रूर जाना चाहेंगी. उनकी माँ एक वकील हैं, जबकि उनके पिता एक बिल्डर हैं.

Image caption अफ़शीन ईरानी मौक़ा मिलने पर पाकिस्तान की यात्रा करना चाहती हैं

उधर 20-साल की अनम अंसारी ने जेहाद के बारे में राष्ट्रपति ओबामा का मत जानना चाहा और उनका कहना है कि वो ओबामा के जवाब से संतुष्ट हैं.

सेंट ज़ेवियर्स की बीएससी तीसरे साल की छात्रा अनम कहती हैं कि सवाल पूछने के पीछे कोई कारण नहीं था और उन्होंने वहीं बैठे-बैठे सवाल सोचा और पूछ लिया.

अनम कहती हैं, "ओबामा का जवाब अच्छा था. एक व्यक्ति के तौर पर मुझे वो बहुत अच्छे लगे. मेरे परिवार वालों ने मुझसे कहा कि उन्हें गर्व है कि मैंने ये सवाल ओबामा से पूछा".

कालेज के कई छात्र बराक ओबामा से बेहद प्रभावित नज़र आए. सभी छात्रों ने अपने सवालों के लिए कई दिनों तक मेहनत की थी और कार्यक्रम में पहुँचने के लिए कई मुश्किल चरणों से गुज़रे थे.

मुंबई के अलग-अलग कालेजों से चुने गए क़रीब साढ़े तीन सौ छात्रों में से छह या सात छात्रों को ही अमरीकी राष्ट्रपति से सवाल पूछने का मौका मिल पाया.

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