ओबामा के दौरे पर अमरीकी मीडिया

  • 7 नवंबर 2010
ओबामा

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत के लिए रवाना होने से ज़रा पहले और रवाना होने के तुरंत बाद अमरीकी मीडिया में उनकी टीम पर रोज़ होने वाले खर्च पर चर्चा जम कर हुई.

उनके विरोधी नेता और पत्रकारों ने पीटीआई की उस खबर को खूब उछाला जिसमें दावा किया गया कि हर दिन उनकी टीम पर 20 करोड़ डालर खर्च किए जा रहे है.

मामला इतना बढ़ा कि ओबामा प्रशासन को सफ़ाई देनी पड़ी और कहा गया कि ये सब झूठ है. दूसरी तरफ रेडियो और टीवी होस्ट ग्लेन बेक के अनुसार ओबामा की यात्रा बेमानी है और वो केवल दीवाली की जगमगाहट देखने जा रहे हैं. पहले पन्ने पर शायद ही किसी अख़बार ने ओबामा के दौरे को जगह दी.

अन्दर के पन्नों पर काफ़ी कुछ लिखा गया और अधिकतर रिपोर्टें मुंबई और दिल्ली डेट लाइन से प्रकाशित हुई हैं. लेकिन मजेदार बात ये है कि शनिवार के न्यूयॉर्क टाइम्स में खुद राष्ट्रपति ओबामा ने संपादकीय पन्ने पर एक लेख लिखा है जिसमें उन्होंने अगले पांच वर्षों में अमरीकी निर्यात को दोगना करने का इरादा जताया है.

उन्होंने इस लेख में लिखा, "हम दुनियाभर में अमरीकी सामान इतना निर्यात करें कि हमें लोग उपभोक्ता के देश के बजाए उत्पादन का देश भी कहें."

उन्होंने कहा कि हर एक अरब डालर का सामान निर्यात करने से अमरीका में पाँच हज़ार नौकरियां दी जा सकेंगी.

अंग्रेजी अख़बार वाशिंगटन पोस्ट ने एक बड़ी ख़बर चलाई है जिसमें भारत और अमरीका के रिश्तों पर भारतीयों की राय छापी गई है.

उनमें से एक ने कहा कि वो ओबामा की आर्थिक नीतियों को समझ सकते हैं कि उनकी आर्थिक नीति भारत की नीतियों से मिलती जुलती है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी एक वीडियो रिपोर्ट में कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति की रीढ़ की हड्डी हैं इसके दो तिहाई युवा.

उनसे भारत और अमरीका के बारे में राय पूछी और अधिकतर युवाओं ने कहा कि वो भारत को दो चीज़ों से बचाना चाहते हैं- एक भ्रष्टाचार और दूसरे ग़रीबी.

कुछ ने शिक्षा को भी इनमें शामिल करने की इच्छा जताई. टीवी पर ओबामा

टीवी पर उनकी यात्रा की ख़बरों को दिखाया जा रहा है.

Image caption मिशेल ओबामा की तस्वीरें भी अमरीकी अख़बारों में छपी हैं

सीएनएन ने राष्ट्रपति ओबामा की शनिवार को मुंबई में उस घोषणा को बार बार दिखाया जिसमें उन्होंने भारत के साथ 10 अरब डालर के व्यापारिक समझौते की घोषणा की.

सीएनएन के अनुसार अमरीका में इस समझौते के बाद 54 हज़ार नई नौकरियों के अवसर पैदा किए जा सकेंगे. हफिंग्टन पोस्ट के अनुसार ओबामा ने आउट सोर्सिंग के मामले को अच्छी तरह से संभाला और लिखा कि ओबामा ने कहा कि भारत को केवल कॉल सेंटर का देश कहना सही नहीं होगा और ये भी कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक समझौतों से दोनों देशों में रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे. वाशिंगटन पोस्ट के एक रिपोर्टर ने राजस्थान जा कर उस आदमी से मुलाक़ात की जिसने बिल क्लिंटन के दौरे के समय एक राजस्थानी नाच का इंतज़ाम किया था जिसके दौरान क्लिंटन भी झूम उठे थे.

अख़बार के अनुसार भारत में अमरीकी राष्ट्रपति के दौरे को राज शाही दौरे की तरह महत्व दिया जाता है. अगर क्लिंटन नाचे थे और ओबामा के नाचने की संभावना नहीं है तो कोई बात नहीं.

मुफ़्त में बिकने वाले लेकिन लोकप्रिय अख़बार पोलिटिको ने मुंबई विश्वविद्यालय में ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा को 30 अनाथ बच्चों के साथ नाचने और एक गेम खेलने की एक बड़ी तस्वीर छापी है जिसमें मिशेल ओबामा जूते उतार कर बच्चों के साथ घुल मिल कर गेम खेल रही हैं.

ओबामा के भारत के दौरे की ख़बरें आ रही हैं लेकिन इस देश की मीडिया में चर्चा का ख़ास विषय अब भी ओबामा की पार्टी की मध्यावधि चुनाव में हार है.

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