भारत सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य बने: ओबामा

  • 9 नवंबर 2010
बराक ओबामा

भारत की यात्रा पर आए अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारतीय संसद को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता का अनुमोदन किया.

लेकिन पाकिस्तान ने भारत के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के भारत के प्रयासों पर आपत्ति जताई है.

उन्होंने कहा, "अमरीका चाहता है कि संयुक्त राष्ट्र में सुधार होने चाहिए और भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य होना चाहिए".

ओबामा ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया कि मुंबई के हमलावरों को सज़ा मिलनी चाहिए और पाकिस्तान को अपने यहाँ आतंकवादियों का सफ़ाया करना होगा.

भारतीय संसद में ओबामा ने क्या कहा?

भारतीय सांसदों को संबोधित करते हुए ओबामा ने कहा, "भारत उभर नहीं रहा, भारत उभर चुका है. भारत-अमरीका के बीच साझेदारी 21वीं सदी की सबसे अहम साझेदारी होगी.... भारत संयुक्त राष्ट्र में बड़ी भूमिका निभाए और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बने....भारत को विश्व स्तर के नेताओं की ज़िम्मेदारियाँ भी निभानी होंगी...आज़ादी के लिए खड़ा होना होगा....जैसे कि बर्मा में....आज़ादी के लिए आवाज़ उठाना किसी के मामलों में दख़ल नहीं है.."

बीबीसी हिंदी सेवा के प्रमुख अमित बरुआ के अनुसार भारत की स्थायी सदस्यता के लिए अमरीकी समर्थन दिखाता है कि भारत-अमरीका के बीच शीत युद्ध समाप्त हो गया है और अमरीका में भारत की भूमिका के लिए एक नई समझ पनप रही है.

अमित बरुआ के अनुसार ये दिखाता है कि अमरीका विश्व स्तर पर भारत के उदय का समर्थन करेगा और भारत के पड़ोसियों के लिए संदेश ये है कि भारत-अमरीका साझेदारी लंबी चलने वाली है.

पिछले तीन दिन से ओबामा भारत में हैं. उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान आतंकवाद, व्यापार, भारत की विश्व स्तर पर भूमिका के बारे में विचार व्यक्त किए हैं जिनपर मिश्रित प्रतिक्रिया आई है.

इससे पहले शनिवार को मुंबई के हवाई अड्डे से वे सीधा ताज होटल गए और उन्होंने 26 नवंबर को मुंबई पर हुए हमलों में मारे गए लोगों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की थी.

स्थाई सदस्यता के मुद्दे पर पाकिस्तान की आपत्ति

उन्होंने ये भी कहा कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ जंग में भारत और अमरीका साथ-साथ है और आज़ादी की मशाल को बुझने नहीं दिया जाएगा.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा था कि उनके दिमाग पर इस हमले की तस्वीरें छाई हुई हैं. उन्होंने मुंबई निवासियों के साहस की सराहना की थी.

'मनमोहन सिंह की कड़ी टिप्पणी'

इसके बाद अनेक उद्योगपतियों, युवाओं, स्कूली बच्चों के साथ अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा ने मुलाकात की और इनमें से कई मौक़ो पर उनकी पत्नी मिशेल ओबामा भी मौजूद थीं.

ओबामा ने तारीफ़ ही तारीफ़ की - लेकिन कैसे?

युवाओं के साथ बातचीत में मुंबई में ही उन्होंने रविवार को कहा था कि पाकिस्तान ने घरेलू आतंकवाद से लड़ने में उतनी तेज़ी नहीं दिखाई है जितनी अमरीका को उम्मीद थी.

लेकिन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ये भी कहा कि पाकिस्तान में स्थिरता भारत के ही हित में है क्योंकि भारत आर्थिक सफलता की ऊँचाइयाँ छू रहा है.

राष्ट्रपति ओबामा ने ये भी कहा कि भारत केवल एक उभरती हुई ताक़त नहीं है बल्कि ऐसी ताक़त है जो उभर चुकी है.

ओबामा के विरोध में दिल्ली में धरना-प्रदर्शन

इससे पहले भारतीय प्रधानमंत्री ने अमरीकी राष्ट्रपति की मौजूदगी में कहा था, "मेरा आग्रह है कि आप एक साथ बातचीत और आतंकवाद की मशीन को सक्रिय नहीं रख सकते. एक बार पाकिस्तान आतंकवाद से प्रेरित धमकियों से दूर हो जाए तो भारत ख़ुशी से सार्थक बातचीत करने के लिए तैयार है."

एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की मौजूदगी में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "मेरा आग्रह है कि आप एक साथ बातचीत और आतंकवाद की मशीन को सक्रिय नहीं रख सकते. एक बार पाकिस्तान आतंकवाद से प्रेरित धमकियों से दूर हो जाए तो भारत ख़ुशी से सार्थक बातचीत करने के लिए तैयार है."

इसके बाद पाकिस्तान विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने भारतीय टीवी चैनल सीएनएन-आईबीएन के साथ बातचीत में कहा, "समय की मांग है कि दोनों देशों के बीच समग्र वार्ता हो. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और विदेश मंत्री एसएम कृष्णा की मंशा अच्छी है. पाकिस्तान हमेशा भारत-पाक रिश्तों को सामान्य करने का हामी रहा है. जैसे कि राष्ट्रपति ओबामा ने कहा भारत की आर्थिक प्रगति के लिए सामान्य स्थिति ज़रूरी है...."

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