पांचवें दौर में 50 प्रतिशत मतदान

  • 9 नवंबर 2010
Image caption मतदान कड़ी सुरक्षा के बीच पूरा हुआ

बिहार विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण का मतदान मंगलवार 9 नवम्बर को शांतिपूर्वक संपन्न हो गया. इस सिलसिले में मध्य और दक्षिण बिहार के आठ ज़िलों की 35 विधानसभा सीटों के लिए वोट डाले गये. निर्वाचन आयोग के अनुसार इस दौर में लगभग 50 फ़ीसद वोट पड़े हैं, जो पिछले चार चरणों के मतदान- प्रतिशत से कुछ कम हैं. छिटपुट झड़पें, विरोध प्रदर्शन और कुछ गिरफ्तारियों को छोड़ दें, तो कहा जा सकता है कि सर्वाधिक चुनावी हिंसा की आशंका वाला ये दौर बहुत शांतिपूर्ण रहा. मतदान का प्रतिशत कम होने के बारे में ये कहा जा रहा है कि 14 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान का समय 2 घंटा कम कर देने की वजह से ऐसा हुआ. दोपहर 3 बजे तक ही मतदान के समय वाले क्षेत्र अतरी, रजौली, गोविंदपुर, अरवल, कुर्था और जहानाबाद में मात्र 41 से 47 फ़ीसद के बीच वोट पड़े हैं. जिस एक मुद्दे पर इस बार लोगों में, और विपक्षी नेताओं में भी बहुत रोष देखा गया, वो है मतदाता सूची से बहुत सारे ऐसे लोगों के नाम कट जाना, जिनके पास मतदाता पहचान पत्र मौजूद थे. फुलवारीशारीफ़ विधानसभा क्षेत्र के हुलासचक और भुसौला गाँव में ऐसे मतदाताओं की तादाद लगभग 300 बताई गयी.

कड़े सुरक्षा प्रबंध

Image caption कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच हुआ मतदान.

मतदान के समय मैं मुस्लिम बहुल फुलवारीशारीफ़ इलाके में था. कहा जाता है कि किशनगंज और बिहारशरीफ के साथ- साथ फुलवारीशरीफ के मुस्लिम मतदाता अगर दिल खोल कर अपने चुनावी रुझान बता दें तो बिहार की राजनीति का मुस्लिम समीकरण आसानी से समझ में आ सकता है. इस सिलसिले में वहाँ के मुस्लिम मतदाताओं ने सौ में पचहत्तर लालू की तरफ और पच्चीस नीतीश की तरफ जाने के खुले संकेत दिये. लेकिन ये भी जोड़ा कि यह रुझान किसी की जीत- हार का अकेला पैमाना नहीं हो सकता. लम्बे अर्से से नक्सली और जातीय हिंसा का केंद्र रहे मध्य बिहार में इस पांचवें चरण के मतदान के दौरान कड़े सुरक्षा प्रबंध किये गये थे. पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने बताया कि इन क्षेत्रों में एहतियातन 270 लोगों को हिरासत में लिया गया जिनपर मतदान के दौरान गड़बड़ी फैलाने का संदेह था. नीलमणि के अनुसार सभी संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान तैनात किये गये थे और हेलीकाप्टर से भी हवाई निगरानी रखी गयी. कुल 490 उम्मीदवारों वाले इस पांचवें चरण के मतदान में नालंदा ज़िले की ख़ास तौर पर चर्चा होती रही है. कारण है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विशेष प्रभाव वाले इस ज़िले की सभी 7 सीटों पर इनके जदयू- भाजपा गठबंधन का कब्ज़ा रहा है. यहाँ चुनावी चर्चा का एक मुख्य विषय ये भी है कि इस बार नीतीश कुमार के इस गढ़ में विपक्ष की तरफ से सेंध लग सकेगी या नहीं, अब छठे और आख़री दौर का मतदान आगामी 20 नवम्बर को होगा, जिसके तहत बची हुई 26 सीटों के लिए वोट डाले जायेंगे. मतगणना 24 नवम्बर को होगी.

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