राजनीतिक दुष्प्रचार के ख़िलाफ़ धरना:संघ

संघ प्रमुख मोहन भागवत
Image caption राजस्थान एटीएस के मुताबिक़ अजमेर धमाके में शामिल लोगों के तार समझौता एक्सप्रेस ट्रेन धमाके से ज़ुड़े हो सकते हैं.

आरएसएस यानि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने बुधवार को देशभर में विरोध करने का आहवान किया है.

संघ का कहना है कि संघ की छवि ख़राब करने के लिए केंद्र सरकार ने एक अभियान छेड़ा रखा है और संघ इसी का विरोध कर रहे हैं. आरएसएस ने आरोप लगया है कि हिंदु संगठनों के नाम देश में हुए बम धमाकों के साथ जोड़े जा रहे हैं.

कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी, वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और गृह मंत्री पी चिदंबरम पर सीधा निशाना साधते हुए आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य राम माधव ने कहा कि सरकार में कुछ नेता देशभक्त आवाज़ों को चुप कराने के ख़िलाफ़ एक गहरी साज़िश रच रहे हैं.

इंद्रेश का बचाव

राम माधव ने संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार का खुलकर बचाव किया.

11 अक्तूबर 2007 को अजमेर में हुए बम धमाकों की जांच के बाद राजस्थान एटीएस ने अदालत में जो चार्जशीट दाख़िल की है उसमें इंद्रेश कुमार के नाम का ज़िक्र है.

इन धमाकों मे तीन लोगों की मौत हो गई थी.

राममाधव ने एक प्रेस सम्मेलन करके राजस्थान के आतंक निरोधक दस्ते के पास मौजूद सबूतों पर सवालिया निशान लगाया.

हालांकि राम माधव ने कहा कि आरएसएस जांच की प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेगा, लेकिन साथ ही सवाल खड़ा किया कि एटीएस ने इंद्रेश कुमार के ख़िलाफ़ जो आरोप लगाए हैं वो सिर्फ उस डायरी पर आधारित है जो हमले के मुख्य अभियुक्त सुनील जोशी के पास से मिली थी.

लेकिन क्या इस बात का कोई सबूत है कि वो डायरी सुनील जोशी की ही थी.

सुनील जोशी भी आरएसएस के सदस्य रह चुके हैं लेकिन उन्होंने संघ साल 2003 में छोड़ दिया था.

राम माधव ने कहा कि राहुल गांधी ने पहले आरएसएस को प्रतिबंधित सिमी संगठन से जोड़ा था, फिर गृह मंत्री पी चिदंबरम ने भगवा आतंकवाद की बात कही और अब प्रणब मुखर्जी पीड़ित को ही अभियुक्त बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

इसे एक राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए आरएसएस के वरिष्ठ सदस्य दत्तात्रे होसबले ने कहा है कि ये सब हिंदु विचारकों और हिंदु धार्मिक गुरुओं के ख़िलाफ़ साज़िश है.

हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि विरोध प्रदर्शन और रैलियों का आयोजन करना आरएसएस के काम करने का तरीक़ा नहीं है लेकिन इस बात की गंभीरता को देखते हुए हम विरोध प्रदर्शन भी करते हैं.

दत्तात्रे होसबले ने कहा कि कुछ देशी और विदेशी संगठनों ने सरकार से हाथ मिला लिया है ताकि वो संघ और हिंदु संगठनों की छवि बिगाड़ सकें.

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