भ्रष्टाचार के मुद्दे पर हंगामा, संसद स्थगित

  • 10 नवंबर 2010
भारतीय संसद
Image caption संसद में विपक्ष ने टू जी स्पेक्ट्रम, आदर्श सोसायटी और राष्ट्रमंडल खेलों का मुद्दा उठाया और जांच की मांग की

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मंगलवार भारतीय संसद में एक बार फिर हंगामा हुआ और सदन को गुरुवार के लिए स्थगित करना पडा. संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने महाराष्ट्र का आदर्श हाउसिंग घोटाला, 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला और राष्ट्रमंडल खेलों में हुई वित्तीय गड़बड़ी का मामला उठाया और संसद को चलने नहीं दिया.

कांग्रेस पार्टी ने जब मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को पद से हटाने और राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े सुरेश कलमाडी को पार्टी के पद से हटाने का फ़ैसला किया था तो उनको लगा होगा कि कथित भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ उनके इस फ़ैसले का स्वागत होगा.

स्वागत तो हुआ लेकिन विपक्षी दलों ने इन घोषणाओं से जुड़े बड़े मुद्दे यानी भ्रष्टाचार पर सरकार को संसद में और घेरने की कोशिश की.

संसद की कार्यवाही शुरु होते ही दोनों सदनों में विपक्ष ने इन सभी मामलों में संयुक्त संसदीय समिति का गठन कर के जांच करवाने की मांग की. सरकार का पक्ष था कि इस मामले में प्रश्नकाल के दौरान बहस हो जाए जिसमें सभी अपनी बात रखें लेकिन विपक्ष किसी बहस के लिए तैयार नहीं था.

सुबह थोड़ी देर लोकसभा की कार्यवाही चली जिसमें विपक्ष ने कड़े तेवर अपनाए रखे. ज़बर्दस्त हो हंगामे के बीच कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित की गई और फिर कल तक के लिए लोकसभा स्थगित कर दी गई.

उधर राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने सरकार पर निशाना साधा.

उनका कहना था, ‘‘पिछले कुछ दिनों में भ्रष्टाचार के इतने बड़े मुद्दे सामने आए हैं टू जी स्पेक्ट्र पर हम दो साल से बहस कर रहे हैं. राष्ट्रमंडल खेलों में इतना घोटाल हुआ है. आदर्श सोसायटी का मामला सबके सामने है. सबसे दुखद बात ये है कि इन बड़े मुद्दों को सरकार पार्टी का अंदरुनी मामला बता कर कन्नी काट रही है.’’

जहां बीजेपी ने टू जी स्पेक्ट्रम मामले में टेलीकॉम मंत्री ए राजा पर सीधा प्रहार किया वहीं वाम दलों ने आईपीएल पर सवाल उठाए. बीजेपी और अन्य विपक्षी पार्टियां टेलीकॉम मंत्रालय के कामकाज पर पहले से ही सवाल उठाती रही हैं और कंट्रोलर एवं ऑडीटर जनरल ने अपनी रिपोर्ट में भी टेलीकॉम में अनियमितताओं का ज़िक्र किया है. इसके बावजूद सरकार ने राजा के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं की है क्योंकि राजा द्रमुक सांसद हैं और उन्हें करुणानिधि का समर्थन प्राप्त है.

भ्रष्टाचार के इस मुद्दे पर बाद में संवाददाताओं से बातचीत में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि वो विपक्ष के दबाव में कुछ नहीं कर सकते. उनका कहना था, ‘‘इस मामले में संसद का एक तरीका है. सीएजी ने एक रिपोर्ट दी है. उस पर आगे क्या करना है वो संविधान में स्पष्ट तरीका दिया हुआ है हम उसका पालन करेंगे. हमने सांसदों की मांग से पहले ही एक जांच की घोषणा कर दी है.’’

संसद की कार्यवाही तो स्थगित हो गई लेकिन ये मामला इतनी जल्दी शांत होता नहीं दिख रहा है. संसद के बाहर कांग्रेस ने बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी पर आदर्श सोसायटी में किसी और के ज़रिए फ्लैट हथियाने का आरोप लगाया और बीजेपी ने सभी घोटालों की जेपीसी जांच की मांग की. घोटाला चाहे कोई पार्टी करे या सरकारी तंत्र पैसा आम जनता का जाता है आम जनता यही चाहती है कि भ्रष्टाचार का मुद्दे पर ठोस कार्रवाई हो और ये राजनीतिक दलों के भी कीचड़ उछालने भर तक सीमित न रहे.

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