सुदर्शन के बयान पर भड़के कांग्रेसी

विरोध प्रदर्शन करते कांग्रेसी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के ख़िलाफ़ पूर्व आरएसएस प्रमुख केएस सुदर्शन की टिप्पणियों के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देश में कई जगह विरोध प्रदर्शन किए हैं.

दिल्ली और कोलकाता में केएस सुदर्शन के पुतले भी जलाए गए हैं.

सुदर्शन ने सोनिया गांधी के ख़िलाफ़ यह टिप्पणी बुधवार को भोपाल में की थी.

हालांकि आरएसएस ने अपने आपको इस बयान से अलग कर लिया है और कहा है कि यह सुदर्शन के निजी विचार हैं.

वहीं भाजपा ने इस बयान से असहमति जताते हुए कहा है कि सोनिया गांधी लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई नेता हैं और उनसे भाजपा का विरोध नीतिगत है. भाजपा प्रवक्ता ने कहा है कि पार्टी मानती है कि इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए.

लेकिन कांग्रेस ने इस बयान का कड़ा प्रतिरोध किया था और कहा था कि जिस भाषा का प्रयोग सुदर्शन ने किया वह असभ्य और अभद्र है. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा था कि यदि इस बयान पर कांग्रेस कार्यकर्ता भड़क जाएँ तो इसके लिए ज़िम्मेदार आरएसएस ही होगा.

विरोध प्रदर्शन

Image caption सुदर्शन ने अपने बयान के बाद से मीडिया को कोई और बयान नहीं दिया है

दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संघ कार्यालय के सामने नारेबाज़ी की है. पुलिस के अनुसार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने झंडेवालान स्थित उनके कार्यालय में प्रवेश करने का प्रयास किया.

पुलिस को प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की तेज़ बौछार का प्रयोग करना पड़ा.

गुरुवार की रात भी कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने कथित रुप से आरएसएस कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया था.

पुलिस का कहना है कि आरएसएस की ओर से मुख्यालय पर पथराव की शिकायत भी दर्ज करवाई गई है.

कोलकाता में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संघ कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया है.

मध्यप्रदेश में भोपाल, इंदौर और जबलपुर सहित कई स्थानों से कांग्रेसियों के प्रदर्शन की ख़बरें हैं.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दो जगह केएस सुदर्शन के पुतले जलाए हैं और विरोध प्रदर्शन किए हैं.

लखनऊ में शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छिटपुट प्रदर्शन किए हैं. इलाहाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को संघ के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया था.

बयान और प्रतिक्रिया

भोपाल में हुई रैली के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए के एस सुदर्शन ने सोनिया गांधी पर कई टिप्पणियाँ की थीं.

सुदर्शन ने सोनिया पर कई निजी टिप्पणियां करते हुए उन्हें सीआईए का एजेंट बताया था. उन्होंने सोनिया गांधी को कथित तौर पर इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या के लिए भी ज़िम्मेदार ठहराया था.

अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने सुदर्शन के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की.

गुरुवार को उन्होंने कहा, ''इससे ज़्यादा असभ्य और अभद्र भाषा नहीं हो सकती. इस बयान को पढ़कर अगर कांग्रेस कार्यकर्ता भड़क जाएं तो इसके लिए आरएसएस ज़िम्मेदार होगी.''

भाजपा ने खुद को सुर्दशन के इस बयान से अलग करते हुए कहा था कि सोनिया गांधी एक चुनी हुई प्रतिनिधि हैं और उनके बारे में ऐसी टिप्पणी करना गलत है.

सुदर्शन से दूरी बनाने के मुद्दे पर भाजपा और आरएसएस को आड़े हाथों लेते हुए कांग्रेस प्रवक्ता मनीष किवारी ने कहा कि ये भाजपा और आरएसएस को तय करना है कि वो सुर्दशन से दूरी बनाते हैं या नज़दीकी, लेकिन उन्हें खुले तौर पर यह बताना होगा कि इस पर उनकी क्या प्रतिक्रिया है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला ने सुदर्शन के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की बात भी कही है.

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