'अमरीका भारत के अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व का स्वागत करता है'

  • 30 नवंबर 2010
मनमोहन सिंह और ओबामा
Image caption अमरीका, भारत के साथ एक लंबी और महत्वपूर्ण साझेदारी चाहता है.

विकीलीक्स पर जारी हुए भारत संबंधी अमरीकी दस्तावेज़ों पर सफाई देते हुए भारत में अमरीका के राजदूत टिमोथी जे रोमर ने कहा है कि अमरीका हर कीमत पर विश्व में भारत की बढ़ती भूमिका और अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व का स्वागत करता है.

उन्होंने कहा कि अमरीका अपनी कूटनीति से जुड़े दस्तावेज़ों की सुरक्षा चाहता है और उन्हें नुकसान पहुंचाने वालों को कटघरे में खड़ा किया जाएगा.

विकीलीक्स में सार्वजनिक किए गोपनीय दस्तावेज़ों के मुताबिक अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन का कहना था कि 'भारत ने ख़ुद ही अपने आपको संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की दौड़ में सबसे आगे क़रार दे दिया है.'

गोपनीय दस्तावेज़ों के अनुसार उन्होंने अमरीकी राजनयिकों को निर्देश दिया था कि वे संयुक्त राष्ट्र में मुख्यालय में तैनात भारतीय राजनयिकों की गतिविधियों का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध कराएँ.

'भारत सुरक्षा परिषद का स्वघोषित दावेदार'

भारत में अमरीका के राजदूत टिमोथी जे रोमर के अमरीकी रुख़ स्पष्ट करते हुए बयान के मुख्य अंश:

''अमरीका अनाधिकारिक तौर पर जारी हुए इन संवेदनशील दस्तावेज़ों की कड़ी निंदा करता है. इन दस्तावेज़ों में राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हैं. विकीलीक्स ने इन्हें जारी कर मानवाधिकारों के हनन और कई लोगों की जान के ख़तरे को बढ़ा दिया है.

इन दस्तावेज़ों का इस तरह जारी होना कई देशों के साथ अमरीका की निजी बातचीत और कूटनीतिक संबंधों पर असर डालेगा.

राष्ट्रपति ओबामा विश्व के सभी देशों में एक स्थिर ज़िम्मेदार और जबावदेह सरकार चाहते हैं लेकिन विकीलीक्स का ये ख़तरनाक कदम इस लक्ष्य में रुकावट पैदा करते हैं.

अमरीका अपने कूटनीतिक दस्तावेज़ों की सुरक्षा चाहता है और इसे नुकसान पहुंचाने लिए के लिए ज़िम्मेदार लोगों को इसके लिए जवाब देना होगा.

अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा ने हाल ही में अपनी भारत यात्रा के दौरान कहा था कि अमरीका और भारत के बीच संबंध दोनों देशों की ज़रूरतों और आपसी सहयोग पर आधारित हैं. ये संबंध 21सवीं सदी की एक नई दिशा तय करेंगे.

ये किसी भी अमरीकी राष्ट्रपति की अब तक की सबसे लंबी भारत यात्रा है जो ये दिखाता है कि अमरीका, भारत के साथ एक लंबी और महत्वपूर्ण साझेदारी चाहता है.

अमरीका विश्व स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका और अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व का स्वागत करता है. विश्व के सामने मौजूद समान चुनौतियों, आतंकवाद के खतरों, समुद्री सीमाओं की सुरक्षा, विश्व में लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने और आर्थिक विकास पर भारत के नज़रिए और उसका भागीदारी को महत्वपूर्ण मानता है.''