2जी स्पेक्ट्रम पर सर्वदलीय बैठक

संसद
Image caption दोनों सदनों की कार्यवाही नहीं चल पा रही है

दूरसंचार मंत्री ए राजा के इस्तीफ़े के बावजूद 2-जी स्पेक्ट्रम मामले की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार ने मंगलवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है.

संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की विपक्ष की मांग को सरकार पहले ही ‘निरर्थक’ बताकर ठुकरा चुकी है. लेकिन अब उसने रास्ता निकालने के लिए मंगलवार को सभी प्रमुख दलों के नेताओं की बैठक बुलाई.

लोकसभा में सदन के नेता प्रणव मुखर्जी ने इन नेताओं को आमंत्रित किया है.

इसके पहले भारतीय जनता पार्टी सहित सभी विपक्षी दलों ने सोमवार को भी संसद की कार्यवाही नहीं चलने दी.

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले को लेकर दोनों सदनों, राज्यसभा और लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ जिसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही मंगलवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई.

भाजपा, एआईएडीएमके और वामदलों के सांसद ‘स्पेक्ट्रम’ आंवटन घोटाले में राजा की भूमिका की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की मांग कर रहे हैं.

'मांग निरर्थक'

विपक्षी दलों की इस मांग के कारण सोमवार को संसद की कार्रवाई लगातार बाधित रही.

संसद में हंगामे को लेकर संवाददाताओं से बातचीत के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है और उस जांच पर एक और जांच की मांग निरर्थक है.

उन्होंने कहा, ''विपक्ष के नेता की देखरेख में लोक लेखा समिति पहले ही इस मामले की जांच कर रही है. इसके नतीजे आने से पहले ही संयुक्त संसदीय समिति से भी जांच कराने की मांग फ़िज़ूल है.''

उधर, राजा के इस्तीफ़े को नाकाफ़ी बताते हुए पत्रकारों से बातचीत में भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा है कि इस मामले में जो भी लोग शामिल हैं सभी के नाम सामने आने चाहिए.

राजा के खिलाफ़ अपने तेवर और कड़े करते हुए एआईएडीएमके की प्रमुख जे जयललिता ने राजा की गिरफ़्तारी की मांग की है.

उन्होंने कहा है कि दूरसंचार मंत्री ए राजा को तुरंत गिरफ़्तार किया जाए और उन पर भ्रष्टाचार निरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया जाए.

भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे ए राजा ने रविवार को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

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