सीएजी: 2 जी स्पैक्ट्रम में राजा ने की नियमों की अनदेखी

Image caption पूर्व दूर संचार मंत्री ए राजा ने सभी आरोपों को गलत बताया है.

2 जी स्पेक्ट्रम मामले पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे के बीच पेश कर दी गई.

रिपोर्ट में बताया गया है कि पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा ने 2 जी स्पेक्ट्रम के आवंटन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कानून, न्याय और वित्त मंत्रालय के सुझावों की अनदेखी की.

रिपोर्ट के मुताबिक लाइसेंस के आवंटन में दूरसंचार मंत्रालय ने अपने ही तय नियमों का उल्लंघन किया.

आवंटित किए गए 122 लाइसेंस में से 85 को सीएजी की रिपोर्ट ने अयोग्य पाया है.

सीएजी की उपनिदेशक रेखा गुप्ता ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, "इन सभी अनियमितताओं की वजह से दूरसंचार मंत्रालय को 1.76 लाख करोड़ रुपए का अनुमानित नुक़सान हुआ है."

नियमों की अनदेखी

रिपोर्ट में बताया गया है कि लाइसेंस की आवंटन प्रणाली में गड़बड़ी थी.

मसलन, लाइसेंस की दरख्वास्त लेने में, 'पहले आओ-पहले पाओ' नीति का पालन नहीं किया गया.

कई कंपनियों को लाइसेंस फर्ज़ी दस्तावेज़ों के आधार पर और बहुत कम दामों पर दिए गए.

लाइसेंस पाने वाली कई कंपनियां ऐसी हैं, जिन्हें लाइसेंस के आवंटन से कुछ ही दिन पहले बनाया गया.

दूरसंचार कमीशन को इस प्रक्रिया पर दूरसंचार नियामक प्राधिकरण के सुझावों पर अमल करने का मौका नहीं दिया गया. रेखा गुप्ता ने कहा, "दूरसंचार मंत्री ने कानून मंत्रालय के इस सुझाव की भी अनदेखी की जिसमें लाइसेंस आवंटन का काम न्यायपूर्ण तरीके से करने के लिए एक अधिकार प्राप्त मंत्रियों का समूह बनाने को कहा गया था."

वहीं पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा ने कहा, "लाइसेंस के आवंटन में सभी नियमों का पालन किया गया और अगर किसी को इस पर संदेह हो तो इस बारे में जांच की जा सकती है."

अब लोक लेखा समिति सीएजी की इस रिपोर्ट का अध्ययन करेगी. लोक लेखा समिति में सभी राजनीतिक दलों के सदस्य हैं और इसकी अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी के नेता मुरली मनोहर जोशी कर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट की लताड़

उधर स्पेक्ट्रम मामले पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई में कोर्ट ने प्रधानमंत्री कार्यालय से जवाब देने में हुई 11 महीने की देरी की वजह पूछी है.

दरअसल जनता पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व कानून मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर ए राजा के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की अनुमति मांगी थी.

जवाब न मिलने पर स्वामी ने हाई कोर्ट में अर्ज़ी दाखिल की. अर्ज़ी वहां खारिज हो जाने के बाद वो सुप्रीम कोर्ट गए.

अब सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री कार्यालय को अगले गुरूवार तक जवाब देने को कहा है.

संसद में विपक्ष का विरोध

संसद का सत्र शुरू होने के बाद से ही लगातार 2 जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति की मांग कर रहे विपक्ष ने मंगलवार को भी सरकार पर दबाव जारी रखा.

मंगलवार को भी विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में, 'हमें जेपीसी चाहिए' के नारे लगाए. इसी शोरगुल के बीच नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट पेश कर दी गई.

इसके बाद सदन की कार्यवाही न चल पाने की वजह से दोनों सदनों को गुरुवार यानि 18 नवंबर तक स्थगित कर दिया गया.

इसके बाद लोक सभा में सदन के नेता प्रणव मुखर्जी ने दोपहर में सर्वदलीय बैठक बुलाई.

हालांकि विपक्ष अपना मांग पर अड़ा रहा और ये बैठक भी सभी दलों में आम सहमति बनाने में नाकाम रही.

अब प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि वे सरकार से बात कर उनकी संयुक्त संसदीय समिति की मांग का जवाब देंगे.

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