जेपीसी पर संसद में गतिरोध क़ायम

संसद भवन

दूरसंचार मंत्रालय में 2जी स्पैक्ट्रम के आवंटन में हुए कथित घोटाले को लेकर चल रहा संसद का गतिरोध क़ायम है. विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच शुक्रवार को भी संसद के दोनों सदनों में कोई कार्यवाही नहीं हो सकी और सदन की बैठक सोमवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ी.

एक ओर विपक्षी दल इस कथित घोटाले की जाँच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग कर रहे हैं लेकिन दूसरी ओर सरकार इससे इनकार कर रही है.

शुक्रवार को लोकसभा में सदन के नेता और वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने विपक्ष से अपील की है कि वे संसद की कार्यवाही चलाने का कोई रास्ता निकालें.

उल्लेखनीय है कि संसद में पेश नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2जी स्पेक्ट्रम के आवंटन में नियमों की अनदेखी की गई और जिस तरह से लाइसेंस बाँटे गए उससे सरकार को 1.76 लाख करोड़ रुपयों तक के राजस्व की हानि हुई.

विपक्ष के बाद आरोपों के बाद दूरसंचार मंत्री ए राजा ने इस्तीफ़ा दे दिया था.

अपील

प्रणब मुखर्जी ने पत्रकारों से बात करते हुए विपक्ष से अपील की है कि वे संसद की कार्यवाही चलने देने का कोई रास्ता निकालें.

उनका कहना था, "अगर सरकार जेपीसी के गठन की मांग को नहीं मान रही है इसका मतलब यह नहीं है कि हम इस मामले की जाँच से इनकार कर रहे हैं."

उन्होंने कहा, "संसद में संसदीय लेखा समिति (पीएसी) के रुप में एक स्थाई जेपीसी मौजूद है. यह हमारे संविधान से भी पुरानी व्यवस्था है और 1920 से चल रही है. इस समिति का मुखिया विपक्ष का नेता होता है. इस समिति को सीएजी की रिपोर्ट सहित बाक़ी मामले की जाँच करने दीजिए फिर पीएसी की रिपोर्ट आने के बाद जिस तरह की जाँच की ज़रुरत होगी उस पर विचार करेंगे."

ऐसा नहीं है कि प्रणब मुखर्जी पहली बार विपक्ष से अपील की है. इससे पहले वे विपक्ष के सभी नेताओं को दोपहर के भोज पर बुलाकर मामले को सुलझाने की कोशिश कर चुके हैं लेकिन उसमें कोई हल नहीं निकला था.

विपक्षी दल 2जी स्पेक्ट्रम के अलावा आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले और राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में हुई अनियमितता पर भी जेपीसी की मांग कर रहे हैं.

हंगामा

विपक्ष के हंगामे की वजह से नौ नवम्बर से शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र में एक भी दिन कामकाज नहीं हो सका है.

शुक्रवार को लगातार छठवें दिन भी दोनों सदनों में विपक्षी दलों ने भारी हंगामा किया जिसकी वजह से दोनों सदनों की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित करना पड़ा.

शुक्रवार की सुबह लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के हंगामे के बाद दोनों सदनों को दोपहर तक के लिए स्थगित किया गया.

लेकिन दोबारा सदन शुरू होने पर भी विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई.

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