किरण कुमार रेड्डी होंगे मुख्यमंत्री

आंध्र प्रदेश में कांग्रेस ने किरण कुमार रेड्डी को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुना है. प्रणब मुखर्जी ने बताया है कि वे गुरुवार को शपथ लेंगे.

वे इस समय विधानसभा के अध्यक्ष हैं. इससे पहले के रोसैया ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने की घोषणा की थी.

उन्होंने कहा था कि अपनी बढ़ती उम्र और काम के बोझ की वजह से वे इस्तीफ़ा दे रहे हैं और इसके पीछे कोई राजनीतिक कारण नहीं है.

उनका कहना था कि आलाकमान ने ही उन्हें कुर्सी सौंपी थी और वे फिर आलाकमान के आदेश के आगे सर झुका रहे हैं.

माना जा रहा है कि दिवंगत मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी के बेटे जगन मोहन रेड्डी की विद्रोही गतिविधियों पर रोक न लगा पाने की वजह से आलाकमान ने उन्हें हटाने का फ़ैसला किया है.

पहले से ही अटकलें लगाई जा रही थीं कि कि रोसैया की जगह जो नेता दौड़ में हैं उनमें किरण कुमार रेड्डी का नाम भी था. दूसरा नाम केंद्रीय मंत्री जयपाल रेड्डी का चल रहा था.

कहा जा रहा है कि तेलंगाना के मुद्दे को कुछ शांत करने के लिए उस क्षेत्र से कांग्रेस की नेता गीता रेड्डी को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है.

जगन का विद्रोह

पिछले कुछ दिनों से राज्य में कांग्रेस पार्टी में बवाल मचा हुआ है.

लोकसभा सदस्य जगन मोहन रेड्डी के टीवी चैनल साक्षी ने एक ऐसी रिपोर्ट प्रसारित की है जिसमें सीधे सोनिया गाँधी को निशाना बनाया गया है और उन्हें एक विफल नेता बताया गया है.

इस के बाद से प्रदेश कांग्रेस के कई नेता जगन मोहन के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

आला कमान पहले ही इस पूरे मामले में रिपोर्ट मांग चुकी है और स्वयं मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्रीय नेतृत्व को रिपोर्ट दे दी है जिसमें जगन की तमाम विरोधी गतिविधियों का ब्यौरा दिया गया है.

सूत्रों का यह भी पार्टी यह भी अनुमान लगाना चाहती है कि पार्टी में कितने विधायक और सांसद जगन मोहन रेड्डी के साथ हैं और उसके बाद ही जगन के विरुद्ध कार्रवाई का फ़ैसला किया जाएगा.

वैसे पार्टी इस संभावना के लिए भी तैयार है कि एक दर्जन के आसपास विधायक जगन का साथ देंगे.

उस सूरत में कांग्रेस ने चिरंजीवी की प्रजा राज्यम पार्टी से समर्थन लेने की तैयारियाँ कर ली हैं ताकि उस की सरकार अल्पमत में न आए. महत्वपूर्ण बात यह है कि मंगलवार को ही चिरंजीवी भी दिल्ली में थे और उन्होंने प्रधानमंत्री से मिलकर राज्य की सिंचाई परियोजनाओं पर बात की थी.

चिरंजीवी पहले ही यह कह चुके हैं कि ज़रुरत पड़ने पर उनकी पार्टी कांग्रेस का समर्थन करेगी.

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