नीतीश, भाजपा को बिहार में तीन चौथाई बहुमत

बिहार में सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड और भाजपा गठबंधन विशाल बहुमत से सत्ता में लौट आया है. लालू, पासवान और कांग्रेस को भारी हार का सामना करना पड़ा है.

बिहार विधानसभा की सभी 243 सीटों के नतीजे आ गए हैं.

जनता दल यूनाइटेड ने 115, बीजेपी ने 91, राजद ने 22, लोजपा ने तीन, कांग्रेस ने चार, झारखंड मुक्ति मोर्चा ने एक, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया ने एक, अन्य दलों ने छह सीटें जीतीं हैं.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने वर्तमान पद से इस्तीफ़ा दे दिया है और विधानसभा को विघटित कर दिया गया है.संभावना है कि नए मुख्यमंत्री के तौर पर वो शुक्रवार को शपथग्रहण करेंगे.

जीत के बाद जश्न : तस्वीरों में

लालू प्रसाद यादव का राष्ट्रीय जनता दल और लोकजनशक्ति पार्टी के गठबंधन को करारी हार झेलनी पड़ी है और उन्हें 35 से भी कम सीटों से संतोष करना पड़ सकता है.

पूर्व मुख्यमंत्री और लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी ने दो सीटों से चुनाव लड़ी थीं लेकिन दोनों ही सीटों पर वो हार गई हैं.

कांग्रेस का प्रदर्शन भी काफ़ी निराशाजनक नज़र आ रहा है. पिछले चुनाव में उन्हें नौ सीटें मिली थीं लेकिन इस बार अभी तक के रूझान बता रहे हैं कि उन्हें कुल छह सीटों पर ही बढ़त हासिल है.

बिहार ने नई कहानी लिख दी है: नीतीश

बीबीसी हिंदी सेवा के प्रमुख अमित बरूआ का कहना है कि ये परिणाम दिखाते हैं कि बिहार ने विकास के मुद्दे को अपनाया है.

उनका कहना है कि ये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में विश्वास का वोट है क्योंकि उन्होंने समस्याओं से घिरे बिहार जैसे राज्य में सुशासन कायम करने के लिए जीतोड़ मेहनत की है.

Image caption जश्न मनाते नीतीश और भाजपा समर्थक.

अपेक्षा से बड़ी जीत : गडकरी

'अपेक्षा से बड़ी जीत'

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी कहा है कि ये परिणाम देश की आनेवाली राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करेंगे.

उन्होंने इस जीत को अपेक्षा से बड़ी जीत बताते हुए कहा कि बिहार ने दिखा दिया है कि 21वीं सदी की राजनीति जातिवाद की नहीं विकास की राजनीति है.

भाजपा नेता और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने इसे अभूतपूर्व जीत कहा है.

उनका कहना था, "इस चुनाव की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि एनडीए ने बिहार जैसे राज्य में विकास की भूख जगाने का काम किया है और ये भूख पूरे देश में जगेगी."

Image caption सूना पड़ा है पटना में राष्ट्रीय जनता दल का कार्यालय.

भाजपा नेता अरूण जेटली ने इन परिणामों को एनडीए के लिए एक सकारात्मक वोट कहा है.

उनका कहना था कि बिहार की जनता ने प्रतिभाशाली नेतृत्व के सामने वंशवाद की राजनीति को ठुकरा दिया है.

बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि चाहे जद (यू) को अकेले भी बहुमत क्यों न मिल, भाजपा के साथ गठबंधन जारी रहेगा.

शून्य से शुरूआत करनी होगी: सोनिया

सोनिया ने बधाई दी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नीतीश कुमार को बधाई देते हुए कहा कि पार्टी को बिहार में बहुत ज़्यादा उम्मीद नहीं थी.

उनका कहना था, "कांग्रेस को बिहार में बिल्कुल शून्य से शुरूआत करनी होगी."

कांग्रेस की प्रवक्ता जयंती नटराजन ने नीतीश कुमार को बधाई देते हुए कहा कि बिहार के मतदाताओं ने क़ानून व्यवस्था में हुई बेहतरी का फल उन्हें दिया है.

वहीं बिहार में कांग्रेस के प्रभारी मुकुल वासनिक ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर फ़िलहाल टिप्पणी नहीं की है लेकिन कहा है कि अकेले चुनाव लड़ने का फ़ैसला सोच समझ कर किया गया था और उन्हें पता था कि रास्ता कठिन होगा.

वासनिक का कहना था कि राहुल गांधी ने प्रभावशाली प्रचार किया, उनकी सभाओं में भारी भीड़ उमड़ी और लोग प्रभावित नज़र आए.

लेकिन उनका कहना था कि परिणामों की समीक्षा अलग से होगी.

चुनाव के नतीजे रहस्यमय: लालू

इस बार छह चरणों में लगभग 2.9 करोड़ मतदाताओं ने वोट डाला जो कि 52.65 प्रतिशत है. पिछले विधानसभा चुनावों के मुकाबले में ये दस प्रतिशत ज़्यादा है.

पहले दौर का मतदान 21 अक्तूबर को हुआ था जबकि आख़िरी चरण के लिए मत 20 नवंबर को डाले गए थे.

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