नीतीश, भाजपा को बिहार में तीन चौथाई बहुमत

Image caption नीतीश कुमार ने इस चुनाव में विकास को बड़ा मुद्दा बनाया और महिलाओं के वोट को अपनी ओर खींचने की पूरी कोशिश की.

बिहार में सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड और भाजपा गठबंधन विशाल बहुमत से सत्ता में लौट आया है. लालू, पासवान और कांग्रेस को भारी हार का सामना करना पड़ा है.

बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों में 234 के नतीजे आ गए हैं.

अबतक जनता दल यूनाइटेड ने 110, बीजेपी ने 89, राजद ने 20, लोजपा ने तीन, कांग्रेस ने चार, झारखंड मुक्ति मोर्चा ने एक, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया ने एक, अन्य दलों ने छह सीटें जीतीं हैं.

जिन नौ सीटों पर परिणाम आने बाक़ी हैं उनमें से पांच पर जनता दल यूनाइटेड, दो पर भाजपा और दो राजद आगे चल रहे हैं

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने वर्तमान पद से इस्तीफ़ा दे दिया है और विधानसभा को विघटित कर दिया गया है.

संभावना है कि नए मुख्यमंत्री के तौर पर वो शुक्रवार को शपथग्रहण करेंगे.

जीत के बाद जश्न : तस्वीरों में

लालू प्रसाद यादव का राष्ट्रीय जनता दल और लोकजनशक्ति पार्टी के गठबंधन को करारी हार झेलनी पड़ी है और उन्हें 35 से भी कम सीटों से संतोष करना पड़ सकता है.

पूर्व मुख्यमंत्री और लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी ने दो सीटों से चुनाव लड़ी थीं लेकिन दोनों ही सीटों पर वो हार गई हैं.

कांग्रेस का प्रदर्शन भी काफ़ी निराशाजनक नज़र आ रहा है. पिछले चुनाव में उन्हें नौ सीटें मिली थीं लेकिन इस बार अभी तक के रूझान बता रहे हैं कि उन्हें कुल छह सीटों पर ही बढ़त हासिल है.

बिहार ने नई कहानी लिख दी है: नीतीश

बीबीसी हिंदी सेवा के प्रमुख अमित बरूआ का कहना है कि ये परिणाम दिखाते हैं कि बिहार ने विकास के मुद्दे को अपनाया है.

उनका कहना है कि ये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में विश्वास का वोट है क्योंकि उन्होंने समस्याओं से घिरे बिहार जैसे राज्य में सुशासन कायम करने के लिए जीतोड़ मेहनत की है.

Image caption जश्न मनाते नीतीश और भाजपा समर्थक.

अपेक्षा से बड़ी जीत : गडकरी

'अपेक्षा से बड़ी जीत'

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी कहा है कि ये परिणाम देश की आनेवाली राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करेंगे.

उन्होंने इस जीत को अपेक्षा से बड़ी जीत बताते हुए कहा कि बिहार ने दिखा दिया है कि 21वीं सदी की राजनीति जातिवाद की नहीं विकास की राजनीति है.

भाजपा नेता और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने इसे अभूतपूर्व जीत कहा है.

उनका कहना था, "इस चुनाव की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि एनडीए ने बिहार जैसे राज्य में विकास की भूख जगाने का काम किया है और ये भूख पूरे देश में जगेगी."

Image caption सूना पड़ा है पटना में राष्ट्रीय जनता दल का कार्यालय.

भाजपा नेता अरूण जेटली ने इन परिणामों को एनडीए के लिए एक सकारात्मक वोट कहा है.

उनका कहना था कि बिहार की जनता ने प्रतिभाशाली नेतृत्व के सामने वंशवाद की राजनीति को ठुकरा दिया है.

बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहली प्रतिक्रिया में कहा है कि चाहे जद (यू) को अकेले भी बहुमत क्यों न मिले, भाजपा के साथ गठबंधन जारी रहेगा.

शून्य से शुरूआत करनी होगी: सोनिया

भाजपा के राज्य अध्यक्ष सी पी ठाकुर ने भी आरंभिक प्रतिक्रिया में कहा है कि जदयू भाजपा हर हाल में साथ रहेंगे और किसी तरह की दरार की बात करना मीडिया की काल्पनिक उड़ान है.

भाजपा का प्रदर्शन भी काफ़ी बेहतर होता नज़र आ रहा है. अबतक मिले रूझान के अनुसार इन चुनावों में उन्हें ही सबसे ज़्यादा फ़ायदा हुआ है. पिछले बार के 55 सीटों में भाजपा 21 नए सीट जोड़ती नज़र आ रही है.

सोनिया ने बधाई दी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नीतीश कुमार को बधाई देते हुए कहा कि पार्टी को बिहार में बहुत ज़्यादा उम्मीद नहीं थी.

उनका कहना था, "कांग्रेस को बिहार में बिल्कुल शून्य से शुरूआत करनी होगी."

कांग्रेस की प्रवक्ता जयंती नटराजन ने नीतीश कुमार को बधाई देते हुए कहा कि बिहार के मतदाताओं ने क़ानून व्यवस्था में हुई बेहतरी का फल उन्हें दिया है.

वहीं बिहार में कांग्रेस के प्रभारी मुकुल वासनिक ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर फ़िलहाल टिप्पणी नहीं की है लेकिन कहा है कि अकेले चुनाव लड़ने का फ़ैसला सोच समझ कर किया गया था और उन्हें पता था कि रास्ता कठिन होगा.

वासनिक का कहना था कि राहुल गांधी ने प्रभावशाली प्रचार किया, उनकी सभाओं में भारी भीड़ उमड़ी और लोग प्रभावित नज़र आए.

लेकिन उनका कहना था कि परिणामों की समीक्षा अलग से होगी.

चुनाव के नतीजे रहस्यमय: लालू

इस बार छह चरणों में लगभग 2.9 करोड़ मतदाताओं ने वोट डाला जो कि 52.65 प्रतिशत है. पिछले विधानसभा चुनावों के मुकाबले में ये दस प्रतिशत ज़्यादा है.

Image caption लालू और पासवान दोनों के लिए ही ये परिणाम एक बड़ा झटका है.

पहले दौर का मतदान 21 अक्तूबर को हुआ था जबकि आख़िरी चरण के लिए मत 20 नवंबर को डाले गए थे.

अतिरिक्त मुख्य चुनावी अधिकारी ने बताया है कि बांका संसदीय सीट के लिए हुए उपचुनाव के लिए भी मतगणना साथ में हो रही है.

मतगणना के लिए कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं.

इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल से 14वीं बिहार विधानसभा को भंग करने की अनुशंसा करने का फ़ैसला किया है.

मतगणना

मतगणना 42 केंद्रों पर हो रही है जहाँ केंद्रीय अर्ध सैनिक बल तैनात किए गए हैं. हर चुनावी क्षेत्र में कुल 14 मेज़ें हैं जहाँ दो अधिकारी तैनात हैं और एक विशेष ऑब्ज़र्वर हैं.

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को वरिष्ठ अधिकारियों और चुनाव आयोग अधिकारियों की निगरानी में खोला जा रहा है.

चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ताज़ा रुझान और नतीजे प्रकाशित होंगे.

Image caption भाजपा के राज्य अध्यक्ष सी पी ठाकुर ने कहा है कि उनकी पार्टी हर हाल में जदयू के साथ बनी रहेगी.

कुल 3523 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे जिसमें से 308 महिलाएँ थीं. इनमें से 1323 लोगों ने बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा.

कांग्रेस ने सभी 243 सीटों पर अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था जबकि बसपा ने 239 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए.

जनता दल यू ने 141 तो भाजपा ने 102 सीटों पर अपने प्रत्याशियों को चुनाव लड़वाया है. राजद ने 168 तो लोक जनशक्ति पार्टी ने 74 सीटों पर चुनाव लड़ा है.

इन चुनाव परिणामों से यह तय होना है कि जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी गठबंधन को सरकार चलाने के लिए दोबारा मौक़ा मिलेगा या फिर राष्ट्रीय जनता दल और लोकजनशक्ति पार्टी का गठबंधन को नई पारी शुरु करने का अवसर मिलेगा.

चुनाव के बाद किए गए तीन सर्वेक्षणों में से तीनों का आकलन है कि राज्य में नीतीश कुमार फिर से सरकार का गठन करने जा रहे हैं.

कांग्रेस और बसपा ने भी अपनी पूरी ताक़त झोंकी है लेकिन उनकी भूमिका को लेकर बहुत कयास नहीं लगाए जा रहे हैं.

उधर बिहार के मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई थी और राज्यपाल से अनुशंसा करने का फ़ैसला किया कि बुधवार को विधानसभा भंग कर दें.

विधानसभा का कार्यकाल बुधवार को ख़त्म हो रहा है.

कैबिनट की बैठक में सब राज्य सरकार कर्मचारियों का शुक्रिया अदा किया गया.

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