कौन हैं किरण कुमार रेड्डी

  • 25 नवंबर 2010

किरण कुमार रेड्डी के रोसैया की जगह आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बन रहे हैं.वे आंध्र प्रदेश के सोलहवें मुख्यमंत्री होंगे. उन्हें गुरुवार को राज्यपाल शपथ दिलाएँगे.

किरण कुमार रेड्डी बनेंगे नए मुख्यमंत्री

कांग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में उनके चयन को अंतिम रूप कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने दिया जिसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रणब मुखर्जी ने हैदराबाद में उनके चयन की घोषणा कर दी.

इससे पहले आंध्र प्रदेश कांग्रेस विधायक दल ने एक प्रस्ताव पारित करके नए नेता का चयन सोनिया गाँधी पर छोड़ दिया था.

किरण कुमार रेड्डी आंध्र प्रदेश में नई पीढ़ी के राजनेताओं में गिने जाते हैं.हैदराबाद में १३ सितम्बर १९६० को जन्मे किरण कुमार रेड्डी ने निजा़म कॉलेज से बीए और कानून की डिग्री ली. वे हैदराबाद रणजी क्रिकेट टीम में विकेटकीपर भी रहे.

एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अमरनाथ रेड्डी के पुत्र किरण का संबंध रायल सीमा क्षेत्र से है और वो वहां से अब तक चार बार विधानसभा के लिए चुने जा चुके हैं.

इस समय वे चित्तूर ज़िले के पिलेरू विधान सभा चुनाव क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.

किरण के मुख्यमंत्री बनने का सबसे बड़ा महत्व यह है कि इसी के साथ आंध्र प्रदेश में सत्ता की बागडोर एक बार फिर रेड्डी समुदाय के हाथ में आ गई है.

गत वर्ष सितंबर में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में वाईएस राजशेखर रेड्डी की मृत्यु के बाद कांग्रेस आला कमान ने किसी रेड्डी नेता पर के रोसैया को प्राथमिकता दी थी.

जगन से नहीं बनती

प्रेक्षकों का मानना है की कांग्रेस आला कमान ने बाग़ी संसद वाईएस जगन मोहन रेड्डी की चुनौती से निपटने के लिए ही किरण कुमार रेड्डी का चयन किया है क्योंकि दोनों ही रायाल सीमा से संबंध रखते हैं.

हालाँकि किरण कुमार रेड्डी राजशेखर रेड्डी के बहुत करीबी और वफ़ादार थे लेकिन जगन मोहन रेड्डी से उनकी नहीं बनती.

२००९ के चुनाव के बाद राजशेखर रेड्डी किरण को अपने मंत्री मंडल में लेना चाहते थे लेकिन जगन ने उन्हें ऐसा करने नहीं दिया क्योंकि वो अपने दोस्त और कारोबारी हिस्सेदार पी रामचंद्र रेड्डी को मंत्री बनाना चाहते थे.

वाईएसआर को अपने पुत्र के दबाव के आगे झुकना पड़ा और किरण कुमार रेड्डी को उन्होंने विधान सभा का स्पीकर बना दिया. और इसके लिए किरण कुमार रेड्डी ने जगन को अभी तम माफ़ नहीं किया है.

इसका एक अर्थ यह भी है कि किरण कुमार रेड्डी के चयन के बाद भी आंध्र प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की समस्याएँ समाप्त नहीं होंगी.

जगन मोहन रेड्डी के समर्थक अब भी अपनी गतिविधियाँ जारी रखने पर अड़े हुए हैं और उन्हें जगन के सिवा कोई स्वीकार्य नहीं है.

दूसरी ओर किरण रेड्डी तेलंगाना क्षेत्र के कांग्रेसी नेताओं के लिए भी स्वीकार्य नहीं हैं क्योंकि उन्हें तेलंगाना राज्य का विरोधी और संयुक्त आंध्र प्रदेश का पक्षधर समझा जाता है.

लेकिन फिर भी कांग्रेस में आम विचारधारा यह है कि किरण कुमार रेड्डी रोसैया से बेहतर नेता सिद्ध हो सकते हैं.

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