तांत्रिक के घर 'बच्चे की बलि'

  • 25 नवंबर 2010
तांत्रिक (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption भारत में अंधविश्वास की वजह से बलि चढ़ाने की ख़बरें अब भी मिलती रहती हैं

छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नगरी भिलाई में बुधवार को एक तांत्रिक के घर से नरकंकाल बरामद होने के बाद सनसनी फैल गई है.

इससे पहले मंगलवार को भिलाई के रुँआबाँधा में तांत्रिक के घर से एक ढाई साल के बच्चे का शव बरामद हुआ था.

पुलिस का कहना है कि इस बच्चे की बलि चढ़ाई गई थी.

पुलिस को शक है कि तांत्रिक के घर में और कंकाल हो सकते हैं. फ़िलहाल उसके घर की खुदाई की जा रही है.

पुलिस ने अभी तक इस मामले में तांत्रिक दंपत्ति सहित सात लोगों को गिरफ़्तार किया है.

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाक़ों में अभी भी जादू टोना का चलन है और अक्सर वहाँ महिलाओं को टोनही यानी चुड़ैल बताकर प्रता़ड़ित किए जाने की ख़बरें आती रहती हैं.

बलि

दुर्ग के एसपी अमित कुमार का कहना है कि पोषण राजपूत का ढाई साल का बेटा चिराग अपने घर के सामने खेल रहा था. कुछ ही देर के बाद वह वहां से ग़ायब हो गया.

जब कई घंटों तक चिराग का कोई अता पता नहीं चला तो पोषण राजपूत ने स्थानीय थाने में अपने बेटे की गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया. पुलिस का कहना है कि शक के आधार पर तांत्रिक भागीरथी यादव के घर में छापा मारा गया तो चिराग का शव एक मूर्ति के नीचे से बरामद हुआ.

मामले की जांच में जुटी कोतवाली थाना की पुलिस का कहना है कि इस बात के पुख़्ता सबूत मिले हैं कि चिराग की बलि चढ़ा दी गई है. पुलिस का ध्यान हटाने के लिए तांत्रिक ने बच्चे के साथ एक बकरे की भी बलि चढ़ाई थी. बुधवार को पुलिस ने तांत्रिक के घर की खुदाई करने का फैसला किया तो वहाँ से एक आठ वर्षीय लड़की का कंकाल बरामद हुआ.

इस नरकंकाल की शिनाख़्त मनीषा नाम की आठ वर्षीय लड़की के रूप में की गई है जो अप्रैल माह से दुर्ग से लापता हुई थी. पुलिस को अंदेशा है कि तांत्रिक ने इस बच्ची की भी बलि चढ़ाई होगी.

भिलाई के कोतवाली थाने के अधिकारियों का कहना है कि तांत्रिक के घर की खुदाई जारी है.

फ़िलहाल गिरफ़्तार किए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि तांत्रिक के बारे में और जानकारी मिल सके.

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