भ्रष्टाचार पर विपक्ष भी केंद्र की तरह क़दम उठाए: सोनिया

सोनिया गाँधी  (फ़ाइल)
Image caption सोनिया गाँधी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का फिर बचाव किया

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विपक्ष को चुनौती दी है कि वह 'भ्रष्टाचार के मामलों में बहाने बनाए बिना कांग्रेस की तरह कारगर कदम उठाकर दिखाए.'

कांग्रेस अध्यक्ष ने इलाहाबाद में पार्टी की एक रैली को संबोधित करते हुए दल के कार्यकर्ताओं से आह्वान किया, "आप उत्तर प्रदेश में मायावती सरकार के कुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ़ गाँव-गाँव और मोहल्ले–मोहल्ले में संघर्ष करें."

यह रैली कांग्रेस पार्टी की स्थापना के 125 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में केपी कालेज ग्राउंड में आयोजित की गई और प्रदेश भर के कांग्रेस नेताओं ने अच्छी खासी भीड़ जुटाई.

उधर मुख्यमंत्री मायावती ने सोनिया गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि केंद्र ने उत्तर प्रदेश को अलग से कोई विशेष आर्थिक अनुदान नही दिया है. मायावती ने कहा कि कांग्रेस नेता उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने से पहले अपने गिरहबान में झांक कर देखें.

इससे पहले सोनिया गांधी की यात्रा का विरोध करने के लिए भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री डाक्टर नरेंद्र सिंह गौर के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किए और गिरफ़्तारी दी. भाजपा को कांग्रेस के एक पोस्टर में सोनिया गाँधी को 'माता इण्डिया' कहने पर एतराज़ था.

समाजवादी पार्टी की युवजन सभा ने भी सोनिया गांधी के मोटर काफ़िले के रास्ते में काले गुब्बारे फेंके और छात्र संघों की बहाली की मांग की.

'भष्ट्रचार विकास की राह में बाधा'

उत्तर प्रदेश विधान सभा के दोनों उपचुनावों और बिहार के आम चुनाव में क़रारी शिकस्त के कारण निराश कार्यकर्ता इस उम्मीद से रैली में आए थे कि सोनिया गांधी उत्तर प्रदेश विधानसभा के अगले चुनावों में कांग्रेस को विजय दिलाने के लिए कोई बड़ी चमत्कारिक घुंडी सुझाएँगी.

सोनिया गाँधी ने लगभग दस मिनट के अपने संक्षिप्त और नपे-तुले भाषण में देश की आज़ादी के संघर्ष में काग्रेस पार्टी, नेहरु परिवार और आनंद भवन के योगदान की याद दिलाई.

सोनिया गांधी ने केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज की तारीफ़ की पर उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि केवल अच्छी योजनाएँ और क़ानून बनाने से काम नही चलेगा, उन्हें ज़मीन पर लागू भी करना होगा ताकि लोगों को उनका लाभ पहुंचे.

सोनिया गाँधी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ईमानदार नेता बताते हुए प्रशासन को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में उनके योगदान की प्रशंसा की. सोनिया गाँधी ने कहा, "जहाँ भी गंभीर शिकायत मिली है उस पर कार्यवाही की गई है. भष्टाचार हमारे विकास की राह में सबसे बड़ी बाधा है, हम दूसरे दलों की तरह नही हैं. हम किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नही करेंगे."

उन्होंने सभी विपक्षी दलों को चुनौती दी कि 'वे भ्रष्टाचार जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बहाने न बनाएँ और वैसे कारगर कदम उठाएँ जैसे कांग्रेस पार्टी ने कर दिखाए हैं.'

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "प्रदेश की जनता की ख़ुशहाली के लिए केंद्र सरकार ने हजारों करोड़ रूपए दिए हैं. लेकिन यहाँ से बिजली, पानी और बेरोज़गारी की बहुत शिकायतें मिल रही हैं. कानून व्यवस्था ठीक नही है. लोग सुरक्षित नही हैं. भ्रष्टाचार ऊपर से नीचे तक फ़ैल गया है. लोग परेशान हैं."

सोनिया गाँधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं, विशेषकर नौजवानों से इसके खिलाफ़ संघर्ष का आहवान किया. लेकिन एक सीनियर कांग्रेस नेता ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि रैली उत्तर प्रदेश में पार्टी का मनोबल बढाने में कामयाब नहीं रही और भाषण से कार्यकर्ताओं को कोई नई दिशा नही मिली.

मायावती की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री मायावती ने सोनिया गांधी के आरोपों को ख़ारिज किया है.

उन्होंने कहा, "सोनिया गांधी को आरोप लगाने से पहले निश्चित रूप से तमाम तथ्यों की ओर गौर कर लेना चाहिए था. जहां तक उत्तर प्रदेश सरकार का प्रश्न है, हम किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करते और जो भी अधिकारी अथवा व्यक्ति इसमें लिप्त पाया जाता है, उसके खिलाफ़ कानून के तहत सख़्त कार्यवाही की जाती है."

मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि जहां तक केंद्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश को हजारों करोड़ रूपए दिए जाने के बावजूद उत्तर प्रदेश में बुनियादी समस्याओं का सवाल है, तो यह भी तथ्य साफ़ है कि उत्तर प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं के मौजूद न होने का यदि कोई जिम्मेदार है, तो कांग्रेस पार्टी ही है, जिसने आज़ादी के बाद लगातार 40 साल तक प्रदेश में और 50 वर्ष से अधिक समय तक केंद्र में राज किया है.

कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने कहा है कि प्रधानमंत्री पर जिस तरह से हमले किए जा रहे हैं वह शर्मनाक है.

दिल्ली में अपने आवास पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की विश्वनीयता के बारे में सब जानते हैं. 2-जी घोटाले के बाद उभरे विवाद के बारे में बात करते हुए सोनिया गाँधी ने ज़ोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री पर जिस तरह विपक्ष हमला कर रहा है वह गलत है.

उन्होंने कहा, "भ्रष्टाचार एक बीमारी है और हमें इससे लड़ने के लिए एक तंत्र बनाने की जरूरत है."

सोनिया गाँधी ने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ कड़ा रूख अख्तियार करती रही है. उन्होंने नटवर सिंह, शशि थरूर, अशोक चह्वाण और 2जी घोटाले में ए राजा का नाम भ्रष्टाचार में आने पर उनसे इस्तीफ़े लिए जाने की बात की.

भारतीय जनता पार्टी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा के समर्थन में जिस तरह खड़ी है उसे लोग देख रहे हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर विपक्ष के लगातार हो रहे हमलों को खारिज करते हुए सोनिया गाँधी ने कहा कि इससे पहले भी भाजपा ने वर्ष 2004 में चुनाव के दौरान जिस तरह से हमले किए थे उसका परिणाम उन्हें भुगतना पड़ा था. वे हार गए थे और मनमोहन सिंह को जीत मिली थी.

बिहार चुनाव में भाजपा-जद (यू) को मिली सफलता और कांग्रेस को मिली करारी हार के बारे में सोनिया गाँधी ने कहा कि पार्टी को वहाँ शून्य से शुरूआत करनी होगी.

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