आदर्श सोसायटी मामले के काग़ज़ात ग़ायब

आदर्श सोसायटी
Image caption करगिल युद्ध नायकों के लिए प्रस्तावित आदर्श सोसायटी में नौकरशाहों, नेताओं के रिश्तेदारों और रक्षा अधिकारियों को फ़्लैट दिए गए

मुंबई पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि विवादास्पद आदर्श हाउसिंग सोसायटी से संबंधित कई दस्तावेज़ ग़ायब हो गए हैं.

मुंबई पुलिस के उपायुक्त चेरिंग दोरजी ने बताया है कि शहरी विकास मंत्रालय से काग़ज़ातों के चोरी होने के बारे में विभाग के सचिव की शिकायत मिलने के बाद इस बारे में मामला दर्ज किया गया है.

डीसीपी दोरजी ने बताया,"शहरी विकास मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार आदर्श सोसायटी के 10 फ़ाइलों में से कई काग़ज़ात नहीं मिल रहे हैं."

उन्होंने बताया कि इस बारे में जाँच शुरू कर दी गई है और विभाग के लोगों से पूछताछ की जा रही है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इन काग़ज़ातों के ग़ुम होने के बारे में करोड़ों रूपए के घोटाले की जाँच करनेवाले केंद्रीय जाँच ब्यूरो सीबीआई को भी सूचना दे दी गई है.

पीटीआई के अनुसार सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,"शहरी विकास मंत्रालय ने हमें आदर्श सोसायटी के बारे में 10 फ़ाइलें सौंपी थीं. उन्हें पढ़ते समय हमने पाया कि चार पन्ने लापता हैं. तो हमने विभाग को इस बारे में बताया."

अधिकारी ने बताया कि इन पन्नों पर सरकारी अधिकारियों और मुख्यमंत्री की ओर से की गईं टिप्पणियाँ लिखी हुई थीं.

मुंबई में बनी बहुमंज़िला इमारत आदर्श सोसायटी की वास्तविक योजना में केवल छह मंज़िलें बननी थीं जिन्हें कारगिल युद्ध के नायकों और मारे गए सैनिकों की विधवाओं को दिया जाना था.

लेकिन बाद में नियमों का उल्लंघन करते हुए इसे 31 मंज़िला इमारत में बदल दिया गया और वहाँ बाज़ार से बहुत कम कीमतों पर नौकरशाहों, राजनेताओं के संबंधियों और रक्षा अधिकारियों को फ़्लैट आवंटित कर दिए गए.

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