मामला दर्ज करने के निर्देश

  • 27 नवंबर 2010
अरुंधति रॉय
Image caption अरुंधति रॉय का कहना है कि उन्होंने कोई ग़लत बात नहीं कही

दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वह लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति राय और कट्टरपंथी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मामला दर्ज करे.

अदालत ने यह आदेश उनके कथित भारत विरोध बयानों की वजह से दिए हैं.

अदालत के इस आदेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अरुंधति रॉय ने बयान जारी कर कहा है, "शायद उन्हें जवाहरलाल नेहरू पर भी केस दर्ज करना चाहिए."

और इसके बाद अरुधंति रॉय ने कश्मीर पर भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू कई वक्तव्यों का सिलेसलेवार ब्यौरा दिया है.

अदालत

दिल्ली पुलिस से अदालत ने कहा है कि वह छह जनवरी तक इस पर अमल करने की रिपोर्ट पेश करे.

इससे पहले पुलिस ने अदालत से कहा था कि इस मामले में राजद्रोह का काई मामला नहीं बनता.

यह वाकया अक्तूबर का है जब दिल्ली में आयोजित एक सम्मेलन में अरूंधति राय, सैयद अली शाह गिलानी के अलावा नक्सल समर्थक वरवरा राव और कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता एक ही मंच पर उपस्थित थे.

इस सम्मेलन में उपस्थित कुछ लोगों ने अरुंधति राय के साथ धक्का मुक्की भी की थी. उनको आपत्ति थी कि अरुंधति राय और सैयद अली शाह गिलानी ने वहाँ ऐसी बातें कहीं जो राजद्रोह के दायरे में आती हैं.

शिकायत

सुशील पंडित इस मामले की शिकायत लेकर पुलिस के पास गए थे. वे चाहते थे कि पुलिस इस मामले में एफ़आईआर दर्ज कर दिया जाए.

लेकिन कोई कार्रवाई न होने के बाद पंडित ने अदालत में याचिका लगाई. इस याचिका पर अदालत ने पुलिस को स्थिति की जानकारी देने के निर्देश दिए थे. मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट नविता कुमार बाघा ने इस मामले में पुलिस की खिंचाई भी की थी.

सुशील पंडित के वकील विकास पाडोर का कहना है, "अरूंधति और गिलानी दोनों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की हद पार कर दी और उन्होंने लोगों को यह कहकर भारत सरकार के ख़िलाफ़ विद्रोह करने के लिए उकसाया कि कश्मीर तो कभी भारत का हिस्सा नहीं था."

उनका कहना है कि यह क़ानून के दायरे में अपराध है.

वकील का कहना है कि पुलिस ने यह कहकर रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया कि ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं. उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले को टाल रही है.

उनका तर्क सुनने के बाद अदालत ने वकील को बहस जारी रखने की अनुमति देते हुए इस मामले में अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया है.

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