जगन रेड्डी ने कांग्रेस छोड़ी

जगन मोहन रेड्डी
Image caption राज्य की राजनीति में जगन मोहन रेड्डी की अपनी अलग अहमियत कांग्रेस के लिए सिरदर्द भी हो सकता है.

एक नाटकीय घटनाक्रम में जगन मोहन रेड्डी ने कांग्रेस पार्टी से और सांसद के पद से इस्तीफ़ा देने की घोषणा कर दी है.

जगन मोहन रेड्डी आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाइएसआर रेड्डी के बेटे और कडप्पा से कांग्रेस पार्टी के सांसद हैं.

उन्होंने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी को एक चिट्ठी लिखकर उन्हें सूचित किया है कि वो पार्टी छोड़ रहे हैं. उन्होंने सांसद के पद से अपना त्यागपत्र लोकसभा अध्यक्ष को भी भेज था जिसे लोकसभा अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया है.

जगन मोहन रेड्डी की माँ विजयालक्ष्मी रेड्डी ने भी विधायक के तौर पर अपना इस्तीफ़ा राज्य विधानसभा के स्पीकर को दे दिया है.

विजयालक्ष्मी पुलिवेंदुला से विधायक हैं.

जगन के साथ राज्य के कई और कांग्रेस नेताओं और विधायकों ने इस्तीफ़ा देने की पेशकश की है.

कडप्पा के ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश बाबू ने भी अपना इस्तीफ़ा दे दिया है.

राजनीतिक अंकगणित

जगन मोहन रेड्डी का दावा है कि उनके साथ 10 विधायक हैं. अगर जगन रेड्डी का दावा सही है तो राज्य विधानसभा में कांग्रेस की सरकार अल्पमत में आ जाएगी.

विधानसभा की कुल 294 में से कांग्रेस के पास अभी 156 सीटें हैं.

सरकार बनाने के लिए 148 सीटों के सामान्य बहुमत की ज़रूरत है.

लेकिन अगर 10 विधायक जगन के साथ हो लेते हैं तो कांग्रेस का बहुमत घटकर 146 सीटों पर सिमट जाता है जो बहुमत से दो सीटें कम है.

कांग्रेस को इसका अंदेशा था इसलिए माना जा रहा है कि कांग्रेस ने इससे निपटने के लिए चिरंजीनी की प्रजाराज्यम पार्टी से बात की हुई है.

प्रजाराज्यम पार्टी के पास 16 विधायक हैं.

संभावना है कि अगर राज्य में संकट गहराता है तो कांग्रेस प्रजाराज्यम पार्टी को सरकार में शामिल कर लेगी.

लेकिन इससे संकट कहीं और गहराने की भी आशंका है क्योंकि जगन के समर्थक माने जानेवाले एक सांसद, सुब्बम हरि ने कहा है कि अगर राज्य सरकार में प्रजाराज्यम पार्टी शामिल होती है तो वो तीन अन्य सांसदों के साथ इस्तीफ़ा दे देंगे.

महत्त्वाकांक्षा और संकट

पिछले साल सितंबर में अपने पिता की एक हवाई दुर्घटना में हुई अचानक मौत के बाद जगन रेड्डी ख़ुद राज्य का मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखते थे.

पर्यवेक्षकों का मानना है कि कुछ समय से उनके कथनों को पार्टी विरोधी गतिविधियाँ माना जा रहा था और कई वरिष्ठ नेताओं का विचार था कि वो पार्टी के लिए वह एक मुसीबत बनते जा रहे हैं.

कांग्रेस में उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की बात भी की जा रही थी.

पिछले दिनों जगन मोहन रेड्डी के साक्षी टीवी पर कांग्रेस विरोधी कार्यक्रमों और सोनिया व राहुल गांधी की आलोचना के प्रसारित होने के बाद जगन मोहन रेड्डी ख़ासे दबाव में हैं.

आंध्र प्रदेश में हाल में किरण रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाया गया है.

जगन रेड्डी के इस्तीफ़े की ख़बर के बाद से उनके समर्थक उनके घर के बाहर इकट्ठा होने लगे हैं.

हैदराबाद, कडप्पा और विजयवाड़ा समेत राज्य के कई जगहों से विरोध प्रदर्शन की ख़बरें आ रही है.सोनिया गाँधी के पुतले भी जलाए गए हैं.

संबंधित समाचार